कश्मीर में वर्ष 2008 और उसके बाद से तीन बड़े हिंसा चक्र में 223 लोगों की मौतें हुईं। विधानसभा में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि वर्ष 2016 की हिंसा में दो पुलिस पुलिस कर्मी और 76 नागरिकों की मौत हुई। इससे पूर्व वर्ष 2010 में 101 लोगों की मौत हुई थी।
उस वर्ष हिंसा में सुरक्षा बलाें समेत कुल 4288 लोग जख्मी हुए थे। इसी तरह से वर्ष 2008 की हिंसा में 46 लोगाें की मौत हुई थी और सुरक्षा बलों समेत 1265 लोग हिंसा चक्र में घायल हुए थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2016 की हिंसा में कुल 8587 लोगाें को गिरफ्तार किया गया जिनमें से 8473 को 21 जनवरी तक रिहा कर दिया गया है।
522 लोगाें पर पीएसए लगाया गया था। 265 लोग अभी भी हिरासत में हैं। इमारतों को हुए नुकसान के आंकड़े जारी करते हुए उन्होंने कहा, कुल 133 इमारतों को नुकसान पहुंचाया गया। इस संबंध में 213 लोगों को हिरासत में लिया गया। 8 जुलाई 2016 से लेकर अब तक हिंसा संबंधी मामलों में 2655 केस दर्ज किए गए हैं।