जम्मू। हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजीव कुुमार गुप्ता ने सीजेएम जम्मू के आदेेशों को रद्द कर दिया। सीजेएम ने दुष्कर्म के एक मामले में दोमाना के डीएसपी और तहसीलदार जम्मू नार्थ के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे।
डीएसपी के एडवोकेट सुनील सेठी, विशाल शर्मा और तहसीलदार के एडवोकेट केएस जोहल की दलीलों के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि डीएसपी संदीप गुप्ता आईपीएस अधिकारी हैं, जबकि रफीक अहमद जराल जम्मू नार्थ के तहसीलदार। सीजेएम के आदेशों पर हाईकोर्ट का फैसला आने तक इंतजार करने करना होगा। याचिका में बताया गया कि राजस्व अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस मदद की अपील की थी। अतिक्रमण हटाने के लिए हाईकोर्ट के आदेशों का पालन किया गया। चिनौर पुलिस चौकी प्रभारी ने भी उन्हें इसकी सूचना दी थी।
याचिकाकर्ता डीएसपी ने कहा कि उसने दोमाना पुलिस थाने के रोजनामचा में पुलिस पार्टी की रवानगी रिपोर्ट डाली। चार अगस्त सुबह नौ बजे पुलिस टीम निकली और बनतालाब के अपर ठठ्ठर में टीम 11 बजे पहुंची। राजस्व अधिकारी पहले से ही कुछ अतिक्रमण हटा चुके थे। अतिक्रमण हटाने के लिए टीम प्रतिवादी नंबर तीन महिला के पास पहुंचे। वह पहले ही मौके पर पहुंच गई थी। उसने राजस्व अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने सेे रोका और पुलिस ने हस्तक्षेप किया। क्षेत्र की कुछ औरतों ने भी अतिक्रमण हटाने का आग्रह किया। लेकिन महिला जेसीबी के सामने आ गई। एक घंटे तक राजस्व अधिकारी और महिलाएं उसे समझाती रही कि अतिक्रमण को हटाने दिया जाए। पर वह टस से मस नहीं हुईं। अधिकारियों पर हमला कर दिया और पुलिस को धमकाने के लिए पत्थर भी उठा लिए। जेसीबी ड्राइवर और राजस्व अधिकारियों को नुकसान पहुंचा। जेएनएफ