राजोरी। सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के मकसद से सरकार और शिक्षा विभाग करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा तो करती रहती है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका फायदा मिलता नहीं नजर आता है। इसका जीता जागता सबूत कुछ दिन पहले तब मिला जब जम्मू कश्मीर राज्य शिक्षा बोर्ड ने 10वीं कक्षा की वार्षिक बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित किया। परिणाम घोषित करने के कुछ दिन बाद बोर्ड द्वारा जारी गजट को खंगाला तो मिला कि जिले के 11 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जिनका एक भी विद्यार्थी 10वीं में पास नहीं हुआ। जिले के 15 सरकारी स्कूलों का रिजल्ट 10 प्रतिशत से कम रहा, जबकि 17 का परीक्षा परिणाम 20 प्रतिशत से कम रहा। इतना कम रिजल्ट देने वाले सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की इंक्रीमेंट हर बार बंद कर दी जाती है, लेकिन फिर भी कोई सुधार नहीं आता है।
शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सरकारी स्कूलों में बोर्ड की कक्षाओं के रिजल्ट में सुधार लाने के लिए शिक्षा विभाग और सरकार को कड़े कदम उठाने पड़ेंगे। जिन स्कूलों के परिणाम बहुत अधिक असंतोषजनक हैं, ऐसे स्कूलों के हेडमास्टरों व सभी शिक्षकों को तत्काल ट्रांसफर कर किसी दूसरे स्कूलों में भेजने के अलावा उन्हें चार्जशीट कर उनके वेतन पर रोक लगा देनी चाहिए।
किन-किन स्कूलों का रिजल्ट जीरो रहा
कन्याओं के सरकारी हाई स्कूल दयाला में सभी 10 बच्चियां फेल, सरकारी हाई स्कूल धर के सभी 12 बच्चे, सरकारी हाई स्कूल डोडाज दरहाल के सभी 10, सरकारी हाई स्कूल कालाझंगड़ सभी 17, सरकारी हाई स्कूल कंथोल के सभी 43 बच्चे फेल रहे। इसी तरह सरकारी हाई स्कूल खा नं 1 के सभी 14 बच्चे फेल, सरकारी हाई स्कूल कोटली कालाबन 11 के 11 फेल, सरकारी हाई स्कूल कुरहड के सभी 49 फेल, सरकारी हाई स्कूल सरूला सभी 6 बच्चे फेल, सरकारी हाई स्कूल सवाड़ी नं 2 14 के 14 बच्चे फेल, सरकारी हाई स्कूल उज्जान भी सभी 12 बच्चे इस बार की दसवीं की परीक्षा में फेल फेल।
किन-किन स्कूलों का परिणाम रहा 10 प्रतिशत से भी कम
लड़कों का सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल थन्नामंडी 5 प्रतिशत, कन्याओं का सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल दरहाल 7 प्रतिशत, सरकारी हाई स्कूल अजमताबाद 5 प्रतिशत, सरकारी हाई स्कूल चल्लास 8 प्रतिशत, सरकारी हाई स्कूल चंबीतराड़ 10 प्रतिशत, सरकारी हाई स्कूल गुरदनबाला 10 प्रतिशत, सरकारी हाई स्कूल खेरी 4 प्रतिशत, सरकारी हाई स्कूल मनयाल थन्नामंडी 3 प्रतिशत, सरकारी हाई स्कूल पंजग्राई 9 प्रतिशत, सरकारी हाई स्कूल राजधानी 5 प्रतिशत, सरकारी हाई स्कूल थन्ना 6 प्रतिशत, सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल जमोला 7 प्रतिशत, सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल कालाकोट 5 प्रतिशत, सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल खवास 5 प्रतिशत और सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल सियालसुई का 10वीं का रिजल्ट 8 प्रतिशत रहा।
किन स्कूलों का 10वीं का रिजल्ट 20 प्रतिशत से कम रहा
कन्याओं का सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल पलांगड़ 19 प्रतिशत, कन्याओं का सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल थन्नामंडी 14 प्रतिशत, सरकारी हाई स्कूल बधकन्ना 14 प्रतिशत, सरकारी हाई बगला 11 प्रतिशत, सरकारी हाई स्कूल धरात 17 प्रतिशत, सरकारी हाई स्कूल हंजना 18 प्रतिशत, सरकारी हाई स्कूल खडारियां 13 प्रतिशत, सरकारी हाई स्कूल मंगोटा 14 प्रतिशत, सरकारी हाई स्कूल नारला 12 प्रतिशत, सरकारी हाई स्कूल सनकारी नं वन 14 प्रतिशत, सरकारी हाई स्कूल ठंडी कस्सी 16 प्रतिशत, सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल धर्मसाल 11 प्रतिशत, सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल पनिहड 13 प्रतिशत और सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल सोलकी का 10वीं का परीक्षा परिणाम 19 प्रतिशत रहा।