जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों के 215 जवान सोमवार को भारतीय सेना का हिस्सा बन गए। भारतीय सेना के इन जवानों ने वायु सेना की 51 स्क्वार्डन और आईएनएस कोच्चि ने जैकलाई के संयुक्त समारोह में देश सेवा की शपथ ली।
श्रीनगर में स्थित जम्मू कश्मीर लाइट इंफ्रैंट्री (जैकलाई) के बाना सिंह परेड ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। इन जवानों ने जैकलाई रेजिमेंटल सेंटर में 11 महीने का प्रशिक्षण लिया है। पासिंग आउट परेड की सलामी जैकलाई के कर्नल लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने ली। देश की सेवा की शपथ लेने वाले इन जवानों के सीने गर्व से चौड़े हो रहे थे। उनके अभिभावक भी गर्व महसूस कर रहे थे।
दुआ ने कहा कि भले ही कश्मीर के कुछ युवा गलत राह पर निकल चुके हैं, लेकिन सेना में शामिल हुए यह युवा भी कश्मीर का एक पहलू हैं। यह तो कुछ नहीं, जब भी कभी सेना की भर्ती होती है तो घाटी के हजारों युवा भाग लेने पहुंचते हैं। यह साबित करता है कि यहां के युवाओं में देश प्रेम है।
जल सेना के वेस्टर्न कमांड के एफओसी इन सी वाइस एडमिरल गिरीश लूथरा ने बताया कि जल सेना की लड़ाकू आईएनएस कोच्चि को जैकलाई के साथ संबद्ध किया गया है। नेवल बेस से बाहर यह पहला ऐसा अवसर है जब किसी नेवल यूनिट को सेना की किसी रेजिमेंट के साथ संबद्ध किया गया हो। यह पहला कदम है जिससे हमारी कार्यप्रणाली में मजबूती आएगी। उन्होंने बताया कि जैकलाई के जवान आईएनएस कोच्चि पर काम करने के तरीकों से रूबरू होंगे। इससे दोनों सेनाओं को एक दूसरे को समझने औए आपसी तालमेल में फायदा मिलेगा।
लूथरा ने बताया कि केरल में रेस्क्यू ऑपरेशन को दिल्ली से संचालित किया जा रहा है। पूरे ऑपरेशन को डिफेंस क्त्रसइसिस मैनेजमेंट ग्रुप और नेशनल क्त्रसइसिस मैनेजमेंट ग्रुप देखरेख कर रहा है। रेस्क्यू लगभग पूरा हो चुका है। अब पुनर्वास और राहत पर ध्यान दिया जा रहा है। समारोह में एयर वाइस मार्शल संजय निमेश भी मौजूद रहे।
घुसपैठ और पत्थरबाजी में आई कमी : दुआ
लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने कहा कि इस साल गर्मियों में सेना ने घुसपैठ की कोशिशों से सख्ती से निपटा है। अगर घाटी की बात करें तो पत्थरबाजी की घटनाओं में भी कमी देखने को मिली है।
मेधावी जवान सम्मानित किए गए
परेड के बाद मेधावी जवानों को पुरस्कार से नवाजा गया, जिन्होंने विभिन्न प्रशिक्षणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। राहुल कुमार को बेस्ट इन फायरिंग के लिए चेवांग रिंचेन मेडल से सम्मानित किया गया। दिलबाग सिंह को शेर-ए-कश्मीर स्वार्ड ऑनर और ओवर आल बेस्ट के लिए त्रिवेनी सिंह मेडल से सम्मानित किया गया।