राजोरी के थन्नामंडी शिक्षा जोन के करीब 16 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जिनमें विद्यार्थियों की संख्या 20 से भी कम है। ऐसे सभी स्कूलों को अब आसपास के दूसरे स्कूलों के साथ विलय किए जाने की संभावना बढ़ रही है। शिक्षा निदेशक ने आदेश दिए थे कि उन सरकारी स्कूलों की सूची तैयार की जाए जिनमें विद्यार्थियों की संख्या 20 से भी कम है। थन्नामंडी जोन में गठित की गई कमेटी ने जांच के दौरान पाया कि जोन के 16 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहां पढ़ाई कर रहे बच्चों की संख्या 20 से कम है।
कमेटी के अनुसार सरकारी प्राइमरी स्कूल बेगोनाड़ा, सरकारी प्राइमरी स्कूल ढक्की सीदां, प्राइमरी स्कूल ओल्ड थन्ना, प्राइमरी स्कूल बांडियां, प्राइमरी स्कूल बाठीदारा, प्राइमरी स्कूल मेहजूर, प्राइमरी स्कूल गड्डां, प्राइमरी स्कूल साज खोकर, प्राइमरी स्कूल बरोटा साज प्राइमरी स्कूल बदाकन्नां, प्राइमरी स्कूल दोदासन, सीनियर प्राइमरी स्कूल दोदासन पाईं, प्राइमरी स्कूल कल्लर दोदासन, प्राइमरी स्कूल नड़ती, प्राइमरी स्कूल कोट नीरोजाल ऐसे सरकारी स्कूल हैं, जहां बच्चों की संख्या बहुत कम है।
कमेटी इंचार्ज एवं थन्नामंडी के सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल मंजूर अहमद गनई ने बताया कि जांच के दौरान चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं कि अभी तक इन सभी स्कूलों में दाखिल विद्यार्थियों की दाखिला फीस भी जेडईओ कार्यालय में जमा नहीं करवाई गई है। नियमानुसार जबतक स्कूलों में दाखिल विद्यार्थियों की फीस जेडईओ कार्यालय में जमा नहीं होती तबतक स्कूलों में मिड डे मील मुहैया नहीं करवाया जाता जिसकी सूची तैयार कर सीईओ कार्यालय में जमा करवा दी है।
उल्लेखनीय है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा सत्र को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई मुहिम के बाद जिला शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों में इनरौलमेंट की जांच पड़ताल जारी है। इस संबंध में सीईओ अब्दुल हमीद ने बताया कि जिले के अन्य शिक्षा जोन की सूची आने पर पूरी रिपोर्ट शिक्षा निदेशक को सौंपी जाएगी। ऐसे सभी सरकारी स्कूलों के विलय होने की पूरी संभावना है जहां संख्या 20 से भी कम है।