ज्यौड़ियां। कलीठ फील्ड फायरिंग रेंज के अधीन गांव कलाह तथा अपर कलाह के ग्रामीणों ने मंगलवार को दो घंटे के लिए सेना के फायरिंग अभ्यास को रोक दिया। उनकी मांग थी कि पहले उन्हें एक साल से रोका गया मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों ने राजस्व विभाग तथा सेना के खिलाफ प्रदर्शन किया।
मंगलवार की सुबह सेना कलीठ फील्ड फायरिंग रेंज पर अभ्यास कर रही थी। इस बीच करीब नौ बजे कलाह और अपर कलाक के काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने बताया की कि करीब एक साल पहले प्रशासन तथा सेना ने हमें मुआवजा देने, दोनों गांवों को सुरक्षित स्थान पर बसाने का वादा कर रेंज पर फायरिंग अभ्यास शुरू किया था और आज तक न ही हमें मुआवजा मिला और न ही अब तक हमारे गांवों को सुरक्षित स्थान पर बसाया गया है। दोनों गांवों का सेना की तरफ से ऑपरेशन सद्भावना के तहत विकास कराया जाएगा जो आज तक नहीं हुआ है। वरयाम चंद, जिया लाल, ग्रामीण गीटन राम, बचन लाल, पूर्व सरपंच बोध राज, खेम राज आदि ने बताया कि प्रशासन तथा सेना ने हमसे झूठे वादे कर फायरिंग रेंज पर अभ्यास शुरू कर लिया है। प्रदर्शन के कारण सेना को अपना अभ्यास करीब दो घंटे तक रोकना पड़ा।
लोगों को शांत करने के लिये सेना के अधिकारी भी पहुंचें। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2018 के जून तक मुआवजे का पैसा स्वीकृत कर दिया गया है। सिविल एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से वेरिफाई कर हमें वापस रिपोर्ट भेजना चाहिए था कि इतने लोगों को मुआवजा दिया जाएगा। सेना के अधिकारियों ने बताया कि हमारी तरफ से किसी भी प्रकार की कोई ढील नहीं है।
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मुआवजे की फाइलें तैयार कर ली गई हैं। लोगों को मुआवजा देने की प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाएगा।
-देवेंद्र पाल भगत, एसडीएम खौड़