अखनूर। गांव स्योड टांडा का डेलीवेजर लाइनमैन जोगिंद्र पाल वर्ष 2017 में बिजली लाइन ठीक करते समय हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आकर अपनी दोनों बाजू गंवा बैठा। वह अब कुछ भी करने के लायक नहीं बचा है। लेकिन विभाग या सरकार की ओर से दो साल बाद भी अब तक कोई आर्थिक लाभ या किए गए वादों में एक वादा पूरा नहीं किया गया है। परिवार के सामने रोटी के लाले पड़ने लगे हैं। जोगिंद्र ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मामले में हस्तक्षेप कर तुरंत आर्थिक लाभ देने की गुहार लगाई है।
जोगिंद्र पाल ने बताया कि दस साल से पीडीडी विभाग में वह डेलीवेजर लाइन मैन के पद पर कार्यरत था। जनवरी 2017 में चौकी चौरा क्षेत्र में मेन लाइन की मरम्मत करते समय बिजली की सप्लाई आ जाने पर वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। जीएमसी में दो महीने से ज्यादा उपचार चला। दो हाथ कट गए। उस समय विभाग के अधिकारियों ने पेंशन और परिवार की आर्थिक मदद के कई वादे किये थे। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का वादा भी किया गया था। मगर दो साल बाद भी आज तक एक भी वादा पूरा नहीं हुआ है। तीन बच्चों सहित परिवार के सामने रोटी का संकट हो गया है। उसने कहा कि दोनों बाजू चले जाने के कारण वह किसी काम के लायक नहीं बचा है। राज्यपाल को चाहिए की विभाग की तरफ से मासिक वेतन के अलावा आर्थिक मदद दी जाए।
जोगिंद्र के मामले की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। लेकिन बिजली लाइन पर काम करने के दौरान अगर अस्थायी कर्मचारी के साथ कोई हादसा होता है तो ऐसे मामलों की जांच के बाद मुआवजा जारी होता है। इस मामले को मैं पता कर उचित पहल करूंगा।
संजय शर्मा, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर
ईएमएंडआरई विंग डिवीजन तीन