हीरानगर। सुबह से पाकिस्तान की गोलाबारी से त्रस्त लोगों ने मजबूरन राहत शिविर में शरण ली। इस बीच पीएमओ मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह हीरानगर उपजिला अस्पताल से ही लौट गए, जिसे लेकर राहत शिविर के लेागों में भारी रोष व्याप्त हो गया।
उन्होंने कहा कि जितेंद्र सिंह इलाके के सांसद भी हैं और केंद्र में मंत्री भी। ऐसे में वो बेहतर तरीके से लोगों की समस्या को केंद्र सरकार तक पहुंचा सकते थे, लेकिन उन्होंने लोगों से मिलना तक जरूरी नहीं समझा। जो लोग घर बार छोड़कर राहत शिविर में रह रहे हैं उन्हें ऐसा करने का शौक नहीं है। नेताओं को समझना होगा कि आम लोगों की परेशानियां क्या हैं। प्रदर्शन में शामिल युवा कांग्रेस के जिला महासचिव चौधरी बलबीर सिंह ने कहा कि पीएमओ ने लोगों के बीच न आकर यह साबित कर दिया कि सीमांत लोगों से किए वायदों को वे पूरा नही कर पाए हैं। जाहिर सी बात है कि अगर वे लोगों में आते तो लोग उनसे बंकर, सुरक्षित स्थानों पर प्लाट जैसे सवाल पूछते। इन्हीं से बचने के लिए वे अस्पताल से ही लौट गए। उन्हाेंने कहा कि केंद्र सरकार पाकिस्तान पर काबू पाने में असफल हुई और इस असफलता के चलते सरकार के नेता अब लोगों के बीच जाने से भी कतरा रही हैं।