ज्यौड़ियां। केंद्र सरकार वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दुगुना करने के लिए जहां योजना बनाने के आश्वासन दे रही है, वहीं अगर किसानों की माने तो उन्हें यह मात्र लॉलीपॉप है। जो गरीब किसानों को दिए जा रहे हैं। अगर धरातल स्तर पर देखा जाए तो कृषि विभाग किसानों की सुध नहीं ले रहा है। यहां तक किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए स्वयं ही नाले नहर की सफाई करनी पड़ रही है।
पंचायत सैंथ के गांव खरोटा के किसान बलबीर सिंह, तरसेम लाल आदि ने बताया कि उनका गांव प्रताप कनाल के टेल पर पड़ता है। गांव के 95 फीसदी लोग खेतीबाड़ी पर निर्भर हैं। उनके खेतों तक पानी पहुंचाने वाले नाली नहरों की सफाई नहीं कराई गई है। ऐसे में किसानों की आय दुगुनी कैसे होगी। नालों तथा नहरों की सफाई कराने के लिए हम लोग सरकारी विभागों के कार्यालयों के चक्कर लगा कर थक गए हैं और अब खुद ही सफाई कर रहे हैं।
पंचायत मट्टू की नंबर तीन नहर की सफाई भी विभाग की तरफ से मात्र लीपापोती ही की है। किसानों के मुताबिक नहर के पानी पर सैकड़ों एकड़ जमीन निर्भर है, लेकिन जिस ढंग से नहर की सफाई की गई है सिंचाई करने के लिये मुश्किलें आ सकती हैं।