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पंद्रह वर्षो बाद छह किलोमीटर टनल आर-पार।

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रियासी। महत्वाकांक्षी उधमपुर-श्रीनगर बारामुला रेल लिंक परियोजना के लिए बनाए जाने वाले टनल नंबर-पांच के दोनों सिरों को आरपार किया गया। लगभग छह किलोमीटर लंबी वाली इस टनल को पंद्रह वर्ष की मेहनत के बाद आरपार किए जाने में कामयाबी प्राप्त हुई। शनिवार को टनल का उद्घाटन करने की औपचारिकता को नार्दर्न रेलवे के जनरल मैनेजर टीपी सिंह ने निभाया। इस मौके पर उनके साथ सीईओ विजय कुमार शर्मा, सीईआर संदीप गुप्ता, कोंकण रेलवे के सीएमडी संजय गुप्ता टनल का निर्माण कंपनी मैक्स इन्फ्रा नारा कंस्ट्रक्शन के डायरेक्टर सूर्य नारायणा भी मौजूद रहे।
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इस दौरान जीएम ने बनाए गए टनल के भीतर का भी दौरा कर वहां हुए कार्य का निरीक्षण किया। बाद में टनल के बाहर कार्यालय में आयोजित किए गए कार्यक्रम में उन्होंने टनल को आरपार किए जाने का श्रेय कंपनी तथा कर्मचारियों को दिया, जिनकी मेहनत के बाद टनल को बनाने का काम पूरा किया जा सका। गौरतलब है कि टनल को बनाने का काम वर्ष 2004 में शुरू किया गया था। तब इसको बनाने की कुल लागत एक सौ बीस करोड़ आंकी गई थी। समय के साथ-साथ इसकी लागत दो सौ करोड़ रुपये तय की गई। वही अंत में लगभग साढे़ पांच सौ करोड़ रुपये की लागत से टनल को आरपार किए जाने में सफलता मिली। टनल को बनाने का सबसे पहले कार्य आरपीएल कंपनी को दिया गया था, लेकिन थोड़ा सा काम करने के बाद कंपनी इसको छोड़ कर चली गई। बाद में इसको बनाने का काम एपेक्स को मिला, लेकिन दोनों कंपनी मिलकर सिर्फ पांच सौ मीटर टनल ही बना सकीं।
बताया जाता है कि टनल के अंदर से पानी का लगातार रिसाव होता रहता था, जिससे टनल से निकलने वाले मलबे पत्थर वगैरह को बार-बार निकालना पड़ता था। मैक्स इन्फ्रा नारा कंस्ट्रक्शन ने टनल को बनाने के लिए नई तकनीक तथा अतिरिक्त कर्मचारियों का सहारा लिया। टनल के साथ-साथ एक इमरजेंसी टनल को भी बनाया गया है, जिसकी लंबाई भी छह किलोमीटर ही है। टनल से लगातार निकलने वाला पानी इसके निर्माण के लिए सबसे बड़ी परेशानी का सबब था, जिसके बहाव को मोड़ने के साथ ही उसका इस्तेमाल भी किया गया।
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बाक्स
बक्कल में सबसे ऊंचे पुल का निर्माण जारी
रियासी। रेल लिंक परियोजना पर टनल नंबर पांच दूसरा ऐसा टनल है जो बन कर आरपार हुआ है। इससे पहले टनल नंबर तीन का निर्माण भी नारा कंस्ट्रक्शन ने पूरा किया था। लगभग तीन किलोमीटर का वह टनल गरडधार से ग्रा गौसुआं को जोड़ता है। शनिवार को ग्राबरयोतरा से बक्कल तक के लिए छह किलोमीटर लंबे टनल को भी पूरा कर दिया गया। परियोजना के तहत ग्रामोड तथा बक्कल दोनों स्थानों पर रेलवे स्टेशन बनने हैं। बक्कल में विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल को बनाने का कार्य भी जारी है। यह पुल बक्कल और कौडी को अपने साथ जोडे़गा। कौडी में भी रेलवे स्टेशन प्रस्तावित है। गरडधार ग्रामोड बक्कल में बनाए गए दोनों टनल को परियोजना के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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अब जाम और पस्सियां नहीं रोकेंगी रास्ता
उधमपुर-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अक्सर जाम लग जाता था। लोगों को इस जाम में फंसने पर एक-दो दिन भी लग जाते थे। इसके अलावा बारिश के दिनों में पस्सियां गिर कर हाईवे पर आती थीं, जिससे भी मार्ग बंद हो जाता था और लोगों का आना जाना बंद हो जाता था। टनल का काम पूरा होने से अब लोग रेल मार्ग से घाटी की ओर रवाना हो सकेंगे और उनका रास्ता भी नहीं रुकेगा।
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