पीएमओ में मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह साल आतंकवाद का आखिरी चरण है। उम्मीद है कि अगले वर्ष अमरनाथ यात्रा में इतने सुरक्षाबलों को तैनात नहीं करना पड़ेगा। पहले से हालात में बदलाव आया है। आतंकवाद अपनी अंतिम घड़ियां गिन रहा है। डॉ. सिंह ने शनिवार को पुरानी मंडी स्थित श्री राम मंदिर में साधु संतों की पंजीकरण प्रक्रिया को शुरू कराया। पहले दिन बालटाल रूट के लिए 50 साधु संतों का पंजीकरण किया गया। इसमें 49 पुरुष और 1 महिला साधु शामिल थी।
डॉ. सिंह ने कहा कि महात्माओं की शक्ति मंत्रियों से अधिक होती है। वह आध्यात्मिक वातावरण में अपना अहम योगदान देते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई की इस साल भी अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण होगी। इसके लिए तमाम व्यवस्थाएं की गई हैं। श्री राम मंदिर के महंत रामेश्वर दास ने कहा कि अमरनाथ यात्रा के लिए आने वाले साधु संतों के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
मंदिर परिसर में हुए इस कार्यक्रम को भजन कीर्तन से आगे बढ़ाया गया। सैकड़ों साधु संतों ने बम-बम भोले के जयघोष लगाकर पूरे माहौल को भक्तिमय बनाया। बाबा बर्फानी के लिए देशभर से पहुंचे साधु संतों का उत्साह और जोश देखते ही बन रहा था। मंदिर परिसर में साधु संतों का जमावड़ा लगा हुआ है। आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से रविवार तड़के रवाना होने वाले पहले जत्थे में साधु संत भी जाएंगे। साधु संतों के बीच सांसद जुगल किशोर शर्मा, पूर्व विधायक राजेश गुप्ता, एमएलसी रमेश अरोड़ा, जिला उपायुक्त जम्मू रमेश कुमार, नगर निगम की सचिव सुनैना शर्मा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।