रियासी। माहौर की पहाड़ियों व जंगली क्षेत्रों में बीस से भी ज्यादा तेंदुए मौजूद होने का खुलासा हुआ है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक तेंदुए की संख्या इससे ज्यादा हो सकती है। पिछले एक महीने के दौरान तेंदुओं ने तीन मासूमों को अपना निवाला बना लिया था। इससे इलाके के ग्रामीण दहशत में हैं।
माहौर के ग्रामीण क्षेत्र शजरू, जमलान, जमसलान, नीरम में इस दिनों तेंदुए के दिखने का सिलसिला लगातार जारी है। इससे लोगों को दहशत है। 22 माई को शजरू की राहिला तथा 30 मई को दो बहनों पर तेंदुए ने हमला किया था। इनमें से राहिला तथा दिलशाद की मौत हो गई थी। वीरवार की शाम तेंदुए ने नीरम क्षेत्र में रूखसाना बानो पर हमला किया। इसके बाद जंगल से उसका शव बरामद किया गया। ग्रामीणों की मांग पर तेंदुए को मारने की अनुमति भी जारी की गई थी लेकिन शुक्रवार को उसकी मियाद समाप्त हो गई। अब विभाग दोबारा से अनुमति लेने में लगा है। तेंदुए को पकड़ने के साथ ही मारने के दौरान पाया गया कि तेंदुए के पांच से छह अलग अलग ग्रुप हैं। जो अलग-अलग इलाकों में देखे गए हैं। पंद्रह से बीस किलोमीटर के बीच में तेंदुए लगातार दिख रहे हैं। इनमें से सिर्फ एक तेंदुआ ही नरभक्षी है। अधिकारियों के मुताबिक यह तेंदुआ बड़ा है जबकि अन्य शावक हैं। डीएफओ फारूक इकबाल ने बताया कि इलाके में अब तक चौबीस तेंदुए देखे गए हैं। लोगों पर हमला करने वाले तेंदुए को ही मारा जाए इसके लिए विशेष आदेश जारी किए गए हैं। तेंदुए को मारने के लिए स्थानीय तीन शूटरों के अलावा ग्रामीणों की भी मदद ली जा रही है।