पुंछ। रविवार को चौथे दिन भी पुंछ एवं राजोरी जिलों को कश्मीर से जोड़ने वाली ऐतिहासिक मुगलरोड पर सैकड़ों ट्रक बर्फ में फंसे रहे। हालांकि मौसम साफ होने के चलते मुगलरोड की देखरेख में लगे पीडब्लयूडी मेकेनिकल विंग ने बफलियाज की तरफ से बर्फ हटाने का काम शुरू किया। देरशाम तक काम जारी रहा। विभाग ने मुगलरोड से करीब 19 किलो मीटर तक बर्फ हटा कर सुरनकोट की तरफ से 35 किलोमीटर तक के मार्ग को वाहनों के चलने योग्य बना दिया, परंतु बर्फ काफी अधिक होने के कारण बर्फ हटाने वाली मशीन रास्ते में फंसे ट्रकों तक नहीं पहुंच पाई।
रविवार को तीन दिनों के बाद जिले में मौसम साफ होने के साथ ही बर्फबारी और बारिश बंद हो गई। इससे पिछले तीन दिन से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली। इस बीच पिछले चार दिन से भारी बर्फबारी के कारण बंद मुगलरोड में चार दिन से फंसे सैकड़ों ट्रकों को निकालने एवं मार्ग को यातायात के लिए खोलने हेतु सुबह तड़के पीडब्लयूडी मेकेनिकल विंग के असिस्टेंट एग्जिक्यूटिव इंजीनियर कमल ज्योति शर्मा और जूनियर इंजीनियर गगन दीप सिंह की देखरेख में सुरनकोट तहसील के पनाड़ पुल से मुगलरोड पर गिरी बर्फ को हटाने के लिए जेसीबी, स्नोप्लोअर और बुलडोजरों से अभियान शुरू किया।
अधिकारियों का कहना है कि मुगलरोड पर छत्तापानी पुल से आगे पीर की गली तक चार से सढ़े चार फुट तक बर्फ पड़ी हुई है। पीडब्लयूडी मेकेनिकल विंग के अधिकारियों का कहना है कि आज हमारी मशीनें मुगलरोड पर बर्फ में फंसे ट्रकों तक नहीं पहुंच पाई है। अगर मौसम साफ रहा तो मशीनें कल फंसे हुए ट्रकों तक पहुंच कर उन्हें बर्फ से निकाल कर सड़क को बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।
उधर चार दिनों से ट्रकों के बर्फ में फंसे होने के कारण उनके चालक बुरी तरह परेशान हैं। हालांकि उन्हें सेना और पुलिस ने सुरक्षित निकाला लिया था। वे यातायात बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।