जम्मू।कठुआ के हीरानगर सेक्टर में शहीद होने वाले बीएसएफ के सहायक कमांडेंट विनय प्रसाद को बुधवार बीएसएफ मुख्यालय में श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर बीएसएफ के आईजी और कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मंगलवार को पेट्रोलिंग करते वक्त पाकिस्तानी रेंजरों ने सीजफायर तोड़ते हुए स्नाइपर हमला किया था। इसमें विनय प्रसाद शहीद हो गए थे।
मुख्यालय में सलामी देने के बाद पूरे सम्मान के साथ शहीद का शव कलकत्ता में भेजा दिया गया। मंगलवार को दोपहर विनय प्रसाद अपने चार अन्य साथियों के साथ पेट्रोलिंग कर रहे थे। तभी अचानक पाकिस्तानी रेंजरों ने स्नाइपर हमला किया। इसमें विनय प्रसाद घायल हो गए। बाद में रेंजरों ने पेट्रोलिंग पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। सीने में गोली लगने के बावजूद अपनी जान की परवाह किए बिना प्रसाद ने अपने साथियों को कवर करते हुए उन्हें सुरक्षित वहां से बाहर निकाला। अधिकारियों ने कहा कि प्रसाद की शहादत के लिए उन्हें हमेशा याद किा जाएगा। विनय प्रसाद कलकत्ता के हाबड़ा के रहने वाले थे। श्रद्धांजलि देने वालों में डीजीपी दिलबाग सिंह, आईजी जम्मू एम के सिन्हा, आईजी बीएसएफ एन एस जमवाल, डीआईजी विवेक गुप्ता, एसएसपी तेजिंदर सिंह, एएसपी संदीप गुप्ता, एसपी दुष्यंत शर्मा आदि ने फूल चढ़ाकर दिवंगत को श्रद्धांजलि दी।
दुश्मन ने छेड़ा, तो छोड़ेंगे नहीं
बार्डर और एलओसी पर बीएसएफ अपनी बहादुरी के लिए हमेशा ही आगे रही है। इतिहास गवाह है कि बीएसएफ ने आगे बढ़कर मुकाबला किया। हमेशा ही बीएसएफ के जवानों ने अपनी जान की परवाह किए सरहद की रक्षा की है। जब भी राष्ट्र के लिए कुछ करने की जरूरत पड़ी तो जवानों ने मोर्चा संभाला। विनय प्रसाद की बहादुरी भी इसका एक उदाहरण है। हमारी तरफ से कभी भी पहली नहीं की जाती। क्योंकि हम शांति पर विश्वास रखने वाले लोग हैं। लेकिन पाकिस्तान सुधरता नहीं है। हमारी तरफ से कभी पहल नहीं की जाती, लेकिन हमें जवाब देने में भी कोई परेशानी नहीं है। दुश्मन ने छेड़ा तो हम उन्हें छोड़ेंगे नहीं।
एनएस जमवाल, आईजी, बीएसएफ जम्मू
साथियों की आंखों में गम आंसू और गुस्सा
बीएसएफ के जवानों ने विनय प्रसाद अमर रहे के नारे लगाए। पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाकर जमकर नारेबाजी की। जवानों की आंखों में दुश्मन के खिलाफ गम आंसू और गुस्सा साफ झलक रहा था। विनय प्रसाद के साथ पेट्रोलिंग करने वाले जवान भी इस मौके पर मौजूद थे। जिन्होंने कहा कि वह दुश्मन से इसका बदला जरूर लेंगे। जवानों की आंखों में पाक रेंजरों के खिलाफ बदलना लेने की ललक दिख रही थी। वह काफी आक्रोश और रोष में दिखे।