बसोहली। बसोहली में आग लगने की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई करने के उद्देश्य से अग्नि शमन केंद्र खोलने की मांग की गई है। इस संबंध में बुधवार को स्थानीय लोगों ने एक बैठक कर विचार विमर्श किया।
बसोहली में अगर कहीं आग लगने की घटना हो जाती है, तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी कठुआ से बुलाई जाती है, और उसके बसोहली पहुंचने में लगभग ढाई से तीन घंटे लग जाते हैं। अगर शीतलनगर क्षेत्र में जाना हो तो लगभग साढे़ चार घंटे का समय लग जाता है। जब अग्नि शमक वाहन घटनास्थल पर पहुंचता है तो काफी देर हो चुकी होती है और सब कुछ जलकर स्वाहा हो चुका होता है। बैठक में बताया गया कि कई बार वनों को आग लगने से हमारी अमूल्य वन संपदा को हानि हो चुकी है। नागरिकों ने बताया कि बसोहली में अग्नि शमन केंद्र स्थापित करने पर क्षेत्र के लोगों को लाभ मिल सकता है, तथा वन संपदा को होने वाली और कहीं भी आग लगने वाली घटना से होने वाली हानि को रोका जा सकता है। बैठक में राजेंद्र महाजन, वेद मनकोटिया, सुमेश सपोलिया, यासिर बानी ने बताया कि सरकार से कई बारे बसोहली में अग्नि शमन केंद्र खोलने की मांग की गई है, लेकिन अब तक सब डिविजन बसोहली को अग्निशमन केंद्र नहीं मिल पाया है।