कश्मीर घाटी में लंबे अंतराल के बाद आखिरकार मनमुटाव टूट गया है, क्योंकि विदेशी पर्यटकों ने एक बार फिर से अपने सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल कश्मीर के साथ सदियों पुराने बंधन को पुनर्जीवित करना शुरू कर दिया है। इस साल जनवरी से 19 जून तक 15,000 से अधिक विदेशी पर्यटकों ने घाटी का भ्रमण किया है। अमर उजाला से बातचीत में पर्यटन विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि इस साल जनवरी से 19 जून तक, 15161 विदेशी सैलानियों के कदम घाटी में पड़े हैं।
यह आंकड़ा साल के अंत तक और बढ़ने की उम्मीद है। बता दें कि उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल जनवरी से जून तक 4028 विदेशी पर्यटकों ने कश्मीर का दौरा किया था। अधिकारी ने बताया कि सफल जी-20 बैठक जम्मू-कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र में गेम चेंजर साबित हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर की गर्मजोशी और आतिथ्य के साथ सुंदरता व भव्यता को जी20 शिखर सम्मेलन में वैश्विक स्तर पर चित्रित किया गया था। पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि 22 से 25 मई तक श्रीनगर में जी-20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक सकारात्मक परिणाम देने वाली है, क्योंकि आने वाले महीनों जुलाई, अगस्त और सितंबर में और अधिक विदेशी पर्यटकों के कश्मीर आने की उम्मीद है।
एक अधिकारी ने कहा, हम इस साल अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर में अच्छी खासी संख्या में विदेशी पर्यटकों को देखने की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि कई देश अपने नागरिकों को कश्मीर की यात्रा करने से रोकने वाली नकारात्मक ट्रैवल एडवाइजरी को हटाने के लिए तैयार हैं।
अधिकारी ने कहा, चूंकि जिन देशों ने अपने नागरिकों के कश्मीर आने पर प्रतिबंध लगाया है, उनके प्रतिनिधि श्रीनगर में जी-20 बैठक में मौजूद थे, इसलिए पूरी उम्मीद है कि जल्द ही सभी नकारात्मक सलाह हटा दी जाएंगी।
डल झील में एक हाउसबोट के मालिक इश्फाक अहमद ने कहा कि उनके हाउसबोट पर विदेशी पर्यटकों का एक समूह है और 25 जून तक दो और समूहों के आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, कश्मीर में आने वाले अधिकांश विदेशी दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से हैं। यह वास्तव में एक अच्छा संकेत है।
सिंगापुर के सैलानी बोले- कश्मीर वास्तव में खूबसूरत
डल झील में एक हाउसबोट में ठहरे सिंगापुर के विदेशी पर्यटकों के समूह ने बताया कि कश्मीर वास्तव में धरती पर एक खूबसूरत जगह है और वे इस जगह की प्राकृतिक सुंदरता को देखकर आनंदित हैं। हमने कई स्थलों का दौरा किया और प्राकृतिक सुंदरता व शानदार झरनों से मंत्रमुग्ध हुए।
यह जगह मन के लिए एक सांत्वना, शांति और प्राकृतिक चिकित्सा है। उन्होंने कहा कि हम लौटने पर यहां के बारे में अपने लोगों को अवगत कराएंगे, जिससे आशा है कि और लोग यहां आ सकते हैं।