फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पद्मावत का विरोध जारी

विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू। देशभर में पद्मावत फिल्म को लेकर चल रहे विरोध के बीच शहर के एक सिनेमाघर में फिल्म के छह शो चलाए गए, लेकिन सिनेमाघर को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर रखा था। कुंजवानी बाईपास स्थित एक निजी मॉल में दोपहर एक बजे का शो देखकर निकल रहे लोग बताने से कतराए कि उन्हें फिल्म कैसी लगे। उपद्रवियों के डर के मारे वे यह तक स्वीकार करने को राजी नहीं थे कि उन्होंने फिल्म देखी है।
विज्ञापन

बुधवार को इंदिरा सिनेमा में उपद्रवियों द्वारा तोड़फोड़, आगजनी के बाद थियेटर में वीरवार को फिल्म प्रदर्शित नहीं की गई। पुलिस और प्रशासन ने शहर में स्थित सभी सिनेमाघरों के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर रखी थी। संजय लीला भंसाली की पद्मावत को देखने के लिए शहरवासियों में उत्साह देखने को मिला। मगर लोगों को डर भी सताता रहा कि कहीं उपद्रवियों द्वारा इंदिरा थियेटर वाली घटना दोहराई न जाए। ठीक उसी तरह पुलिस और प्रशासन भी लोगों की सुरक्षा को लेकर सजग दिखी। कुंजवानी बाईपास स्थित एक निजी मॉल, इंदिरा सिनेमाघर, अप्सरा सिनेमाघर के समक्ष भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती रही। सुबह से ही पुलिस हर आने जाने वाले पर निगाह गड़ाए हुए थी। मॉल और दर्शकों की सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग के आला अधिकारी से लेकर सादे ड्रेस में सुरक्षा कर्मी भी तैनात रहे। वहीं, मॉल से फिल्म देखकर निकले साहिल, राहुल और भार्गव ने बताया कि फिल्म काफी अच्छी थी। फिल्म में ऐसा कोई दृश्य नहीं था, जिससे किसी विशेष जाति या धर्म के लोगों की भावना आहत हो। हालांकि फिल्म निर्देशक की ओर से उनका महिमा मंडन ही किया गया था। उन्होंने फिल्म और अभिनेता-अभिनेत्री की जमकर तारीफ की। साथ ही उस डक का भी जिक्र किया कि कहीं उन्हें भी उपद्रवियों का सामना फिल्म देखने के दौरान न करना पड़े। फिलहाल फिल्म का पहला दिन शांति प्रिय रहा। पुलिस द्वारा कड़ी सुरक्षा के बीच लोगों ने फिल्म का पूरा लुत्फ उठाया।
बिना पोस्टर लगाए सिनेमाघर में फिल्म चलाई गई
शहर के एकमात्र सिनेमाघर में लगी फिल्म पद्मावत के पोस्टर भी सिनेमाघर के बाहर नहीं लगाए गए। उपद्रवियों का डर इस कदर हावी था कि सिनेमाघर वालों ने पोस्टर लगाने की हिमाकत तक नहीं की। हालांकि उपद्रवियों से निपटने के लिए सिनेमाघर के बाहर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती थी।
विज्ञापन

दर्शक फिल्म देखकर बताने से कतराए
सिनेमाघर से फिल्म देखकर निकल रहे दर्शक बताने से भी कतरा रहे थे कि उन्होंने फिल्म देखी या नहीं। डर का यह आलम था कि पूछने वाला शख्स कहीं उपद्रवियों में से एक न हो। इस वजह से लोग फिल्म के बारेे में बयान देने से भी बचते दिखाई दिए।
---------इसे पदमावत वाली खबर में लगा लें

केसी थियेटर मरम्मत के लिए बंद
शहर के प्रमुख केसी सिनेप्लेक्स के मरम्मत कार्य के चलते बंद होने के बावजूद वीरवार को बड़ी संख्या में लोग पद्मावत फिल्म को देखने के लिए पहुंच गए। थियेटर के मैनेजर शशिपाल सिंह जम्बाल ने बताया कि उनके थियेटर में ऐसी कोई फिल्म नहीं लगाई गई है। थियेटर में मरम्मत कार्य के चलते इसे आगामी अप्रैल तक खोला जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें