जम्मू। अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर मंगलवार को खामोशी रही। देर शाम तक कहीं सीजफायर का उल्लंघन नहीं हुआ। लगातार छह दिन तक पाकिस्तान की ओर से भारी गोलाबारी होने के बाद सातवां दिन राहत भरा रहा। लेकिन तनाव अभी भी बरकरार है। किसी समय फायरिंग फिर शुरू होने का खतरा कम नहीं हुआ है।
छह दिन तक पाक की भारी गोलाबारी के कारण ग्रामीण घर छोड़ने को मजबूर हो गए थे। मंगलवार को दोबारा घरों को वापस लौटने लगे। 18 से 22 जनवरी तक पाकिस्तान की ओर से सीमा पर गोलाबारी करने के करण अब तक एक दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें पांच सुरक्षा कर्मी और सात नागरिक शामिल हैं। 70 से अधिक लोग गोलाबारी में घायल हुए हैं। बीएसएफ के प्रवक्ता ने कहा कि सोमवार की सुबह से मंगलवार तक बार्डर पर कहीं सीजफायर का उल्लंघन नहीं हुआ। सीमा पर हालात शांतिपूर्ण जरूर हैं, लेकिन तनाव बरकरार है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि गणतंत्र दिवस पर पाकिस्तानी की तरफ से घुसपैठ कराने के प्रयास किए जाएंगे। इस पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आईबी और एलओसी दोनों पर पैनी नजर रखी जा रही है। सूचना है कि आतंकी गणतंत्र दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में खलल डाल सकते हैं। पुलिस की ओर से पहले ही स्कूलों में किसी अजनबी को न घुसने देने, सभी पुलिस कर्मियों को अपने इलाके में रहने और अन्य जरूरी निर्देश दिए गए हैं।