जम्मू और कश्मीर में पिछले 60 घंटों से हो रही बारिश ने तबाही मचा दी है। भूस्खलन और बाढ़ के चलते अभी तक दर्जन भर लोगों की मौत हो चुकी है।
राज्य के कई जिलों में पांच हजार से ज्यादा लोगों के फंसे होने की संभावना हैं। बाढ़ में फंसे हुए लोगों को सेना और पुलिस द्वारा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद हो गया है।
श्रीनगर-लेह राजमार्ग और मुगल रोड भी बंद हैं। रियासत के कई हिस्से देश-दुनिया से पूरी तरह कट चुके हैं। कश्मीर समेत रियासत के कई जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पूरे राज्य में बिजली, पानी और संचार सुविधाएं अस्त-व्यस्त हो गईं हैं।
श्रीनगर पर भी बाढ़ का कहर
श्रीनगर में भी बाढ़ अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस समय झेलम नदी खतरे के निशान से लगभग चार मीटर उपर बह रही है। झेलम में आई बाढ़ से घाटी के लगभग 23 गांव बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग और कुलगाम जिले बाढ से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। पूरे राज्य में आपातकालीन सेवाओं को शुरु कर दिया गया है।
बुधवार को बडगाम जिले के अबूरा में दो लोग तेज पानी की चपेट में आकर बह गए। वहीं दक्षिणी कश्मीर में कई अलग-अलग जगहों पर बाढ़ में फंसे 100 से अधिक लोगों को सेना ने सुरक्षित निकाला है।
बाढ़ में डूबा पूरा गांव
वहीं कश्मीर के एक गांव कैमू बाढ़ के पानी से चारों ओर से घिर गया है। जिससे गांव में 1600 से अधिक लोग बाढ़ में फंस गए हैं। भंयकर बाढ़ के कारण इस गांव में कोई भी मदद नहीं पहुंच पा रही है।
आधी रात के बाद तक पुंछ, राजोरी, डोडा, रामबन और कश्मीर के ज्यादातर जिलों में मूसलाधार बारिश जारी है। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों और भू-स्खलन के खतरे वाले स्थानों से दूर रहने की चेतावनी दी है।
कुछ जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक जम्मू संभाग के 23 गांव बाढ़ में घिरे हैं। दो सौ से अधिक लोगों को बचाया जा चुका है। तीन सौ से ज्यादा कच्चे-पक्के घर ध्वस्त हो गए हैं। कटड़ा में वैष्णो देवी के लिए हेलीकाप्टर सेवा पर भी असर पड़ा।