ऐतिहासिक मुगल रोड का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन होने जा रहा है। 6 सितंबर को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इसका उद्घाटन करेंगे। इसके लिए मुगल रोड प्रबंधन तैयारियां कर रहा है।
पिछले वर्ष इस रोड का उद्घाटन पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को करना था, लेकिन रोड के अधूरे निर्माण के चलते इसका उद्घाटन समारोह टाल दिया गया। चूंकि एक तरफ केंद्र में अब मोदी सरकार है, जिससे उमर सरकार का दूर दूर तक कोई नाता नहीं।
दूसरी तरफ राज्य में तीन महीने के भीतर विधानसभा चुनाव है। ऐसे में उमर सरकार चाहती है कि चुनाव से पहले इस रोड का श्रेय खुद लिया जाए। इसलिए आनन-फानन में इस रोड का उद्घाटन किया जा रहा है।
अभी भी सेफ नहीं मुगल रोड
मुगल रोड को क्लीयर करने और इसकी मरम्मत करने के लिए 50 मशीनों को लगाया गया है, जो मुगल रोड को चमकाने में लगी हुई हैं। शौपियां के जिला उपायुक्त बशीर अहमद भट्ट ने बताया कि उनके पास 6 सितंबर को रोड का उद्घाटन करने के आदेश आए हैं, इसके लिए तैयारियां की जा रहीं हैं।
शौपियां में मुख्यमंत्री इसका उद्घाटन करेंगे। भट्ट ने यह भी साफ कर दिया कि मुगल रोड पूरी तरह से तैयार है। पिछले वर्ष इसके दो पुलों का निर्माण अधूरा था, लेकिन अब यह पूरे हैं और रोड भी दुरुस्त कर ली गई है।
अभी भी सेफ नहीं रोड
मुगल रोड बेशक पूरी तरह से तैयार है, लेकिन रास्ते में कई ऐसी जगहें हैं, जहां जबरदस्त पस्सियां गिरतीं हैं। इन पस्सियों की रोकथाम के लिए कोई बंदोबस्त नहीं किया गया। बावजूद इसके रोड को आधिकारिक तौर पर चालू किया जा रहा है।
मुफ्ती-मोदी का नाम गवारा नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के रिश्ते किसी से छिपे नहीं हुए। जबकि उमर अब्दुल्ला को भी यह ज्ञात हो चुका है कि अगले विधानसभा चुनाव में नेशनल कांफ्रेंस का सत्ता में आना आसान नहीं।
ऐसे में उमर नहीं चाहते कि मुगल रोड के उद्घाटन के लिए लगाई जाने वाली नंबर प्लेट पर पीडीपी या फिर भाजपा का नाम आए। इसलिए उमर अब्दुल्ला ने इसका उद्घाटन करने का निर्णय खुद ही लिया।
उद्घाटन में केंद्र की तरफ कोई शामिल होगा या नहीं, इस पर फिलहाल जिला उपायुक्त शौपियां, पुंछ, मुगल रोड प्रोजेक्ट अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं है।