जम्मू। रियासत के एसोसिएटेड अस्पतालों में शनिवार को जूनियर डाक्टर काम पर लौट सकते हैं। जीएमसी श्रीनगर और एसोसिएटेड अस्पतालों में शुक्रवार को जूनियर डाक्टर इमरजेंसी और आईसीयू में काम पर लौट आए। स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से दिन भर हुई बैठकों में निलंबन और बर्खास्तगी के सभी आदेश वापस लेने पर लगभग रजामंदी बन गई है। इन अस्पतालों में रेजीडेंट डाक्टर एसोसिएशन (आरडीए) के बैनर तले जूनियर डाक्टर तीन दिन से काम छोड़ो हड़ताल पर हैं।
जीएमसी में शुक्रवार को हड़ताल का असर दिखा। ओपीडी में सीनियर फैकल्टी के साथ कुछ पीजी ने सेवाएं दीं। आरडीए जम्मू ने जीएमसी प्रशासन को नोटिस देकर 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए रविवार से इमरजेंसी और आईसीयू सेवा बंद करने की चेतावनी दी है। आरडीए श्रीनगर के प्रधान डॉ. इरफान ने बताया कि शुक्रवार को उनकी स्वास्थ्य उच्चाधिकारियों से बात हुई है। इसमें निलंबित और बर्खास्त किए सभी डाक्टरों के आदेश वापस करने पर लगभग सहमति बन गई है। मरीजों की सेहत को ध्यान में रखते हुए जूनियर डाक्टर इमरजेंसी और आईसीयू में लौट आए हैं। उम्मीद है कि शनिवार को सारा मसला हल हो जाएगा। इस बीच जीएमसी में ओपीडी में सीनियर फैकल्टी के साथ कुछ जूनियर डाक्टरों ने सेवाएं दीं, लेकिन वार्डों में हड़ताल का असर दिखा। यहां भी सीनियर फैकल्टी को लगाया गया है। आरडीए जम्मू ने सभी निलंबित और बर्खास्त डाक्टरों के आदेश वापस लेने, सातवें वेतन आयोग का पीजी रेजीडेंट और रजिस्ट्रार को लाभ देने के लिए लिखित आश्वासन देने की मांग की है।
जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. सुनंदा रैना ने बताया कि शुक्रवार को जूनियर डाक्टरों ने नोटिस दिया है। इसमें रविवार से इमरजेंसी और आईसीयू सेवाएं प्रभावित करने की बात कही गई है। इसके लिए अवकाश पर चल रहे सीनियर फैकल्टी को सूचित किया गया है। अगर हड़ताल खिंचती है तो छुट्टी रद्द करके फैकल्टी को वापस बुलाया जाएगा।