कटड़ा। वर्ष 2018 के पहले छह महीनों में वैष्णो देवी के दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या 45.2 लाख रही है। वर्ष 2017 की तुलना में इस अवधि में 1.57 लाख अधिक भक्तों ने प्राकृतिक पिण्डियों के समक्ष नमन किया है। इससे पहले वर्ष 2012 में छह महीनों में सबसे अधिक 51 लाख भक्तों ने भवन में माथा टेका था।
पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष पहले छह महीनों में 45,20,568 भक्तों ने भवन में माथा टेका है, जबकि वर्ष 2017 के पहले छह महीनों में दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या 43,63,565 रही थी। इससे पहले वर्ष 2016 के पहले छह महीनों में 4337801 और वर्ष 2015 में 3806946 भक्तों ने प्राकृतिक पिण्डियों के समक्ष नमन किया था। आंकड़ों पर नजर डालें, तो अब तक वर्ष 2012 में सबसे अधिक संख्या 51.8 लाख रही थी। तब भक्तों का वार्षिक आंकड़ा एक करोड़ के पार था। उसके बाद से भक्तों की संख्या में गिरावट रही है। इस बार पहले छह महीनों में यात्रा में हलका उछाल होने से स्थानीय व्यवसायियों को को भी राहत मिली है। उम्मीद है कि वर्ष के आखिर तक दर्शन करने वालों की संख्या में और बढ़ोतरी दर्ज होगी।
गौरतलब है कि वर्ष 1986 में श्राइन बोर्ड के गठन के दौरान वैैष्णो देवी में दर्शन करने वाले भक्तों का वार्षिक आंकड़ा चौदह लाख से भी कम था। इसके बाद जैसे-जैसे सुविधाओं में वृद्धि होती गई भक्तों की संख्या भी बढ़ती गई। वर्ष 2000 में पहली बार भक्तों की संख्या पचास लाख से अधिक हुई थी और वर्ष 2011 में एक करोड़ का आंकड़ा पार हो गया था। वर्ष 2013 के बाद वार्षिक आंकड़े में लगातार गिरावट दर्ज हुई। इस सबके बीच इस वर्ष यात्रा में एक बार फिर से उछाल आने की संभावना है।
वर्ष पहले छह माह में भक्तों की संख्या
2012 5180278
2013 4833641
2014 3998602
2015 3806946
2016 4337801
2017 4363565
2018 4520568
अमरनाथ यात्रा की स्थिति भी करती है प्रभावित
कटड़ा। अमूमन देखा गया है कि अमरनाथ यात्रा के दौरान वहां जाने वाले भक्त पहले अथवा बाद में वैष्णो देवी के दर्शन के लिए भी आते हैं। जब-जब अमरनाथ यात्रा के दौरान हालात सामान्य रहे हैं, वैष्णो देवी के दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या में भी उछाल रहा है। इस बार अमरनाथ यात्रा के लगातार प्रभावित होने का असर वैष्णो देवी में दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या पर भी पड़ सकता है। यात्रा का यह प्रभाव अगस्त महीने के आखिर तक रह सकता है।