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अमित शाह का दांव

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जम्मू। फायर ब्रांड नेता तथा संघ परिवार के विश्वासपात्र रविंद्र रैणा को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने महबूबा सरकार पर नकेल का दांव चला है। संदेश दिया है कि पार्टी फिर से हार्डलाइन अपनाकर जनता के बीच जाएगी। मंशा है कि गठबंधन सरकार में शामिल भाजपा आक्रामक तेवर अपनाए और पार्टी के एजेंडे से इतर किसी भी फैसले पर त्वरित विरोध दर्ज कराए। पार्टी चाहती है कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी पीडीपी के आगे घुटने टेकने की अपनी बनी छवि से निकले और बेहतर प्रदर्शन करे। राज्य की छह सीटों में जम्मू, उधमपुर व लद्दाख की तीन सीटें पार्टी के कब्जे में हैं और वह इस पर कब्जा बरकरार रखना चाहती है।
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महबूबा सरकार के पत्थरबाजों को छोड़ने, गुज्जर-बक्करवालों से सरकारी जमीन से कब्जे हटाने से पहले जनजातीय विभाग से अनुमति लेने सहित तमाम फैसलों को पार्टी अपनी छवि पर धब्बा मानती है। इसके साथ ही घाटी में बढ़ती आतंकी व पत्थरबाजी की घटनाओं व पढ़े-लिखे युवाओं के आतंकवाद में शामिल होने को भी पार्टी अपने खिलाफ जाता देख रही है। दरअसल सत्ता में आने के बाद पार्टी के प्रति लोगों में पनप रहे असंतोष को लेकर संघ परिवार ने चिंता जताई है। संघ परिवार ने साफ संदेश दिया है कि सत्ता में रहकर पार्टी के अलगाववाद तथा राष्ट्रवाद से समझौता न करने की छवि धूमिल हुई है। आम जनता में यह संदेश गया है कि सत्ता की खातिर पार्टी ने चुप्पी साध रखी है और महबूबा के आगे घुटने टेक दिया है। तमाम विरोधाभासी फैसलों पर पार्टी की ओर से कोई निर्णायक विरोध दर्ज नहीं कराया गया है। इस वजह से संगठन में कम से कम ऐसे नेता की जरूरत है जो सरकार के निर्णयों पर बेबाकी से बोल सके।

संघ ने भाजपा नेतृत्व पर बनाया था दबाव
माना जा रहा है कि संघ ने ही रविंद्र रैणा की नियुक्ति के लिए भाजपा नेतृत्व पर दबाव बनाया है। विस्तारक रहते हुए उन्होंने संघ के लिए पूरी जिम्मेदारी और लगन के साथ काम किया। राज्य स्तर पर संघ नेतृत्व में हुए बदलाव के बाद से ही माना जा रहा था कि इस बार प्रदेश अध्यक्ष संघ की पसंद का ही होगा। इसके लिए तमाम दावेदारों में से संघ परिवार ने रैणा के नाम पर मुहर लगाई। संघ परिवार के एक पदाधिकारी ने उम्मीद जताई कि इस फैसले से न केवल सरकार की कार्यप्रणाली पर असर पड़ेगा बल्कि संगठन में सक्रियता भी बढ़ेगी। पार्टी का आम जनता के बीच विश्वास बढ़ेगा।
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