राज्य में सितंबर में आई बाढ़ को लेकर डिपार्टमेंट आफ इकोलोजी, इनवायरमेंट एंड रिपोट सेंसिंग जेएंडके गवर्नमेंट की तरफ से 112 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की गई है। रिपोर्ट में बाढ़ के कारण और बाढ़ से निपटने की कमियों को सामने रखा गया है।
रिपोर्ट को तैयार करने में एनआरएससी हैदराबाद ने भी पूरा सहयोग किया है। रिपोर्ट को विभागीय डायरेक्टर सुरेश चुग के दिशा निर्देश में तैयार किया गया है। रिपोर्ट में बाढ़ का मुख्य कारण भारी बारिश और जल निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होना बताया गया है, जिसके कारण जम्मू और कश्मीर के लोगों ने ऐसी तबाही देखी, जिसकी कभी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
रिपोर्ट के अनुसार तीन दिन में पूरे जम्मू और कश्मीर प्रांत में चार से लेकर छह सितंबर तक तीन दिन में 650 एमएम के करीब बारिश रिकार्ड की गई। कश्मीर में छोटे नाले झेलम नदी में जा मिले और झेलम नदी उफान पर आ गई और कुछ ही घंटों में झेलम के पानी ने निकासी के लिए स्थान होने के कारण शहर की तरफ रूख कर लिया। बारिश जम्मू और कश्मीर के साथ लद्दाख संभाग में भी रिकार्ड की गई थी।