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जम्मू-कश्मीर: मुफ्ती का सीएम बनना तय!

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रियासत में सरकार गठन पर पसरी सियासी धुंध अब तक छंट नहीं पाई है। लगभग एक पखवाड़े बाद भी असमंजस की स्थिति है। दिल्ली में सोमवार को प्रदेश कोर कमेटी की भाजपा नेतृत्व के साथ हुई बैठक के बाद पीडीपी से गठजोड़ के संकेत मिले थे, लेकिन मंगलवार को भी दोनों दलों के बीच कोई औपचारिक बातचीत शुरू नहीं हो सकी।
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निवर्तमान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला बुधवार को दोपहर लंदन से दिल्ली पहुंचेंगे। इसके बाद सियासी सरगर्मी और तेज होने की संभावना है।

इस बीच मंगलवार की शाम सोशल साइट्स पर 14 जनवरी को मुफ्ती मोहम्मद सईद के मुख्यमंत्री तथा डा. निर्मल सिंह के उप मुख्यमंत्री बनने की चर्चाएं तैरने लगीं, लेकिन थोड़ी ही देर बाद दोनों दलों की ओर से इस प्रकार की चर्चाओं को विराम दिया गया।

चुनावी नतीजों को बीते 14 दिन

खंडित जनादेश के बीच परिणाम की घोषणा हुए 14 दिन बीत गए हैं। भाजपा सरकार बनाने के लिए पूरी शिद्दत से जुटी हुई है। पीडीपी के साथ मिलकर सरकार बनाना लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन प्रदेश कोर कमेटी की राय के बाद उसने सारे विकल्प खुले रखे हैं।

भाजपा सूत्रों का कहना है कि उमर के बुधवार को दिल्ली पहुंचने पर एक बार फिर नेकां से बातचीत शुरू की जा सकती है। लंदन रवाना होने से पहले दिल्ली में उमर की भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत हुई थी। हालांकि, इसके बाद उमर ने लगातार ट्विट कर भाजपा-पीडीपी गठबंधन पर कटाक्ष किया था।

पीडीपी तथा भाजपा की ओर से पिछले हफ्ते राज्यपाल से मिलकर सरकार गठन पर चर्चा की गई। भाजपा प्रदेश कोर कमेटी के सदस्यों ने सोमवार को दिल्ली में अमित शाह से मिलकर अपना पक्ष रखा।

'अब फैसला केंद्र के हाथ में'

कमेटी का साफ मानना है कि भाजपा को सरकार बनाने के लिए जनादेश मिला है। इस वजह से कोई जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। सभी वर्गों का ख्याल रखते हुए राज्य की संप्रुभता, क्षेत्रीय भेदभाव खत्म करने और स्थायी सरकार बनाने की दिशा में पहल करनी चाहिए।

कोर कमेटी की बैठक के बाद दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने कहा था कि पीडीपी की ओर से बातचीत के सकारात्मक संकेत मिले हैं। पार्टी सरकार बनाएगी, लेकिन इसके लिए सभी विकल्प खुले रखे गए हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा और विधायक डा. निर्मल सिंह का कहना है कि कोर कमेटी ने अपना पक्ष रख दिया है।

अब जो भी फैसला करना है, केंद्रीय नेतृत्व को करना है। पीडीपी प्रवक्ता नईम अख्तर ने भी कहा कि सरकार गठन की दिशा में प्रयास चल रहे हैं, लेकिन अब तक कुछ भी सकारात्मक नतीजे सामने नहीं आए हैं।
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'पीडीपी-बीजेपी बनाए सरकार'

नईम अख्तर ने कहा कि, भाजपा के साथ किसी प्रकार की औपचारिक बातचीत शुरू नहीं हो पाई है। पार्टी ने अपना पक्ष रख दिया है। सरकार बनने में देरी से जनता भी चिंतित दिख रही है।

उम्मीद है रियासत में जल्द ही नई सरकार कामकाज शुरू करेगी। उधर, नेकां भी रियासत की सियासी गतिविधियों पर पैनी निगाह रखे हुए हैं।

पार्टी के जम्मू संभाग के प्रधान देवेंद्र सिंह राणा का कहना है कि पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला बुधवार को दोपहर बाद विदेश से दिल्ली पहुंचेंगे।

पार्टी के पास संख्या बल नहीं है, इस वजह से सरकार बनाने की जिम्मेदारी पीडीपी और भाजपा की है। सरकार गठन का फैसला जितना लंबा खिंचेगा उतना ही रियासत की जनता के लिए नुकसान है।
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