जम्मू। जिला प्रशासन द्वारा शहर के सुंजवां, चौआदी और नरवाला बाला इलाके में जमीनों के सर्कल रेट 70 फीसदी तक बढ़ाए जाने के फैसले को गांव के लोगों ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। बुधवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के जज संजय गुप्ता ने जम्मू डीसी को आदेश दिया है कि वह लोगों की मांग को सुनें और इस पर कोई निर्णय लें। चार हफ्तों के भीतर लोगों के मामले को कंसीडर करने के लिए कहा गया है। इसकी एक कापी डीसी को अपने पास उपलब्ध रखने के लिए कहा गया
सुंजवां की रहने वाली शफीका बेगम, चौआदी के नूर मोहम्मद और नरवाल बाल के शाहिद मलिक की तरफ से कोर्ट में डीसी के आदेश को रद्द करने संबंधी कंटेप्ट याचिका दायर की गई थी। 31 दिसंबर 2018 को डीसी जम्मू की ओर से जारी आदेश के तहत इन इलाकों में जमीन के सर्कल रेट(जमीन पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी) 70 फीसदी तक बढ़ा दी थी। एडवोकेट शकील अहमद ने शेख नजीब और सुप्रिया चौहान के साथ कोर्ट में अपीलकर्ता की तरफ से दलीलें पेश की। बताया कि 2017 में सुंजवां में 35.40 लाख, चौआदी में 67.92 लाख प्रति कनाल सर्कल रेट था। गांधी नगर साउथ, गांधी नगर मेन, छन्नी हिम्मत और त्रिकुटा नगर में 86.79 लाख, 80.08 लाख, 71. 28 लाख और 77.77 लाख प्रति कनाल सर्कल रेट था।
31 दिसंबर को डीसी जम्मू ने जम्मू जिले के लिए जमीनों के सर्कल रेट रिवाइज करने संबंधी आदेश निकाला। इसके तहत सुंजवां, नरवाला बाला और चौआदी के लिए 60 लाख, 1 करोड़ और 60 लाख प्रति कनाल रेट तय किया गया। जबकि गांधी नगर साउथ, गांधी नगर मेन, छन्नी हिम्मत, त्रिकुटा नगर के लिए 91.12 लाख, 84.08 लाख, 74.84 लाख और 81. 65 लाख रेट तय किया गया।
गांधी नगर की तुलना में ग्रामीण इलाकों में रेट ज्यादा बढ़े
शकील ने कहा कि बिना किसी क्राइटेरिया को फालो किए यह रेट बढ़ाए गए। डीसी जम्मू ने शहर के पाश इलाके गांधी नगर की तुलना में चौआदी, सुंजवां जैसे ग्रामीण इलाकों में रेट ज्यादा बढ़ाए। इन इलाकों में अब तक कई मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। जबकि गांधी नगर जैसे क्षेत्र में सबकुछ है। दलीलें सुनने के बाद खंडपीठ ने जम्मू डीसी को कहा कि वह नियमों का सख्ती से पालन करें और अपीलकर्ताओं के मामले पर कोई फैसला लें। जेएनएफ