एक सितंबर 2015 से मयखानों व शराब की दुकानों से अब महंगी बोतलें मिलेंगी। अब से शराब भी महंगी हो गई। पुराने रेट प्रिंट के बावजूद मय के प्यालों के शौकीन लोगों को आज से नए दाम पर मदिरा खरीदनी होगी। शौक रखना है तो जेब ढीली करनी होगी। इस लत से जूझ रहे लोगों को भी जेब और ढीली करनी होगी।
सोमवार को आबकारी विभाग ने अध्यादेश जारी करके सभी बोतलों पर पांच से दस फीसदी तक बोतलों पर रेट बढ़ा दिए हैं। अचानक जारी हुए इस अध्यादेश से वाइन शाप के व्यापारी भी हैरान हैं। आबकारी विभाग के आदेश क्रमांक 214/2015 दिनांक 31 अगस्त के अनुसार एक सितंबर से अंग्रेजी व देसी शराब के रेट बढ़ाए गए हैं।
देसी शराब की फ्रूटी पांच रुपये छोटी फ्रूटी चार रुपये के हिसाब से बढ़ाई गई है। जबकि जम्मू में अमूमन चलने वाली आईबी व आरएस पर चालीस रुपये प्रति बोतल तक बढ़ा दिए गए। जाम के शौकीन आम लोगों की देसी शराब के लिए पांच फीसदी रेट बढ़ाए गए हैं।
हालांकि बोतलों पर रेट अभी तक दो साल पुराने ही प्रिंट हुए हैं। स्काच व ब्रांडेड शराब के लिए दस फीसदी तक अधिक रेट देना होगा। रेट बढ़ाए जाने से मयखानों पर भी इसका असर रहेगा। उनके भी रेट बढेंगे। चाहे लत हो शौक मदिरा पान महंगाई की मार उन पर भी पड़ेगी।
हांलाकि राज्य सरकार को भी रेट बढ़ाने से आय अर्जित होगी। सरकार का आय का सबसे बढ़ा प्रमुख स्रोत्र शराब ही है। उसका रेट बढ़ाकर सरकार ने अपने खजाने को मजबूत करने का फैसला किया है।