बताते हैं कि जिले के गनावपोरा इलाके में शनिवार शाम को सेना के जवान एक बैनर उतारने पहुंचे जिसका युवाओं ने विरोध किया। उन्होंने जवानों पर जमकर पथराव किया। इस दौरान सेना के वाहनों के शीशे टूट गए। भीड़ को हटाने के लिए जवानों ने फायरिंग की, जिसमें करीब 15 युवा घायल हुए हैं।
इन्हें तुरंत शोपियां और पुलवामा के जिला अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। इनमें से दो की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार सेना की 10 गढ़वाल रेजीमेंट का काफिला बालपोरा शोपियां में स्थित 12 सेक्टर हेडक्वार्टर से मसपोरा की ओर जा रहा था। इस दौरान गनावपोरा के पास उस पर पथराव किया गया।
इसमें कुछ जवान घायल हो गए। हिंसक भीड़ को हटाने के लिए फायरिंग करनी पड़ी। इसमें तीन युवाओं को बुलेट इंजुरी पहुंची जिनकी शिनाख्त बालपोरा शोपियां के जावेद अहमद भट (20), नदपोरा शोपियां के रईस अहमद गनेई (24) और गनावपोरा के सुहेल जावेद के तौर पर हुई है।
जावेद और सुहेल ने पुलवामा जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया जबकि रईस का श्रीनगर के स्किम्स अस्पताल में इलाज चल रहा है। अस्पताल के एमएस के अनुसार आपरेशन के बाद भी रईस की हालत गंभीर बनी हुई है।
रियासत के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर जोरदार हमला किया है। उमर ने कहा कि आपकों काबुल में हुए धमाके पर दुख व्यक्त करने के लिए आपके पास शब्द हैं लेकिन शोपियां में नागरिकों के मारे जाने पर आपके पास कुछ नहीं है।
उमर ने कहा कि पिछले एक दशक में यह सबसे बुरे साल की शुरूआत है। उन्होंने कहा कि सीमा पर भी मौत हो रही है और कश्मीर में भी मौत हो रही है, उम्मीद करता हुं कि आगे का साल शांति से बीतेगा।
उमर के ट्वीट करने के कुछ घंटों बाद महबूबा ने ट्वीट कर मृतक के परिवारों के लिए गहरी संवेदना व्यक्त की। महबूबा ने कहा कि इस पूरी घटना के मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दे दिए गए हैं जो की 20 दिन के भीतर पूरी हो जाएगी।
घटना के विरोध में अलगाववादियों ने रविवार को बंद का आह्वान किया गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने श्रीनगर के नौहट्टा, रैनावारी, खान्यार, सफाकदल और एमआर गंज थानों के अंतर्गत आने वाले इलाकों में पाबंदियां लगाने का फैसला लिया है।
साथ ही रेल प्रबंधन द्वारा रविवार को रेल सेवाएं भी स्थगित करने का फैसला लिया है। पूरे कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट की स्पीड घटा दी गई है।
महबूबा ने रक्षा मंत्री से की बात
शोपियां की घटना के बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से फोन पर बात की। उन्होंने दो युवाओं के मारे जाने पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक की मौत से रियासत में राजनीतिक प्रक्रिया को झटका पहुंच रहा है।
जिसे सभी राजनीतिक पार्टियों ने काफी परिश्रम से पटरी पर लाने की कोशिश की है। रक्षा मंत्री ने आश्वस्त किया कि वे घटना की विस्तृत रिपोर्ट मंगाएगी। साथ ही इस बात को भी देखेंगी कि इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न होने पाए।