शारदीय नवरात्र के पहले सात दिनों में माता वैष्णो देवी के दरबार में 1.25 लाख श्रद्धालु पहुंचे, हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या में थोड़ी कमी आई है। प्राकृतिक आपदाओं और ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होने को इस कमी का मुख्य कारण माना जा रहा है, फिर भी भवन मार्ग पर श्रद्धालुओं का तांता बना हुआ है।
धर्मनगरी कटड़ा में माता वैष्णो देवी के दरबार में रोजाना भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है। शारदीय नवरात्र के पहले सात दिन में करीब 1.25 लाख श्रद्धालु माता के दरबार में हाजिरी लगा चुके हैं। हालांकि इस बार यात्रा में कुछ कमी आई है। बीते वर्ष पहले तीन नवरात्र में 1,30,550 श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचे थे।
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जानकारी के अनुसार बीते वर्ष 2024 में नवरात्रों के शुरुआती तीन दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या 1.25 लाख पार कर गई थी जबकि इस बार पहले सात नवरात्र में 1,25,021 लाख श्रद्धालु ही पहुंचे हैं। प्रशासन और श्राइन बोर्ड के अधिकारियों का मानना है कि इस कमी की प्रमुख वजह देशभर में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदाएं और ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होना है। कई ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से कम कर दिया गया है जिससे विभिन्न राज्यों से आने वाले यात्रियों की संख्या कम हुई।
इसके बावजूद मां वैष्णो देवी के भक्त दरबार में पहुंच रहे हैं। भवन मार्ग पर दिन-रात श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। नवरात्र के दौरान माता के जयकारों से कटड़ा से लेकर भवन तक का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। स्थानीय दुकानदारों और होटल कारोबारियों का कहना है कि पिछले साल की तुलना में भीड़ थोड़ी कम जरूर है लेकिन सप्ताहांत और दुर्गाष्टमी-नवमी पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।सुरक्षा एजेंसियों की भवन मार्ग पर कड़ी निगरानी
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श्राइन बोर्ड की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए आरएफआईडी कार्ड, चिकित्सा सेवाएं, लंगर और पानी की व्यवस्था पहले की तरह की गई है। वहीं सुरक्षा एजेंसियों ने भी भवन मार्ग पर निगरानी कड़ी कर दी है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके। भक्तों का मानना है कि चाहे संख्या कम हो या ज्यादा नवरात्रों में मां वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाना जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है।