सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों की रिहाई के समर्थन में सिख संगत ने शनिवार को रोष प्रदर्शन कर डीसी को ज्ञापन सौंपा।
सिख संगत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम भेजे गए ज्ञापन में सजा पूरी कर चुके कैदियों की रिहाई की मांग थी। सिख संगत ने शनिवार को हाथों में बैनर व तख्तियां लेकर रोष प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में शामिल गुरदीप सिंह, स्वर्ण सिंह, हरबंस सिंह आसला सहित बड़ी सख्ंया में सिख समुदाय के प्रतिनिधियों ने अलग जेलों में बंद सिख कैदियों की सजा पूरी हो जाने पर उनकी रिहाई की मांग उठाई।
इनमें से कई कैदियों के बारे में बताया गया है कि इनमें से कुछ की उम्र 80 साल के आसपास है और कुछ कैदी अपनी आंखों की रोशनी भी खो चुके हैं।
सिख वक्ताओें ने कहा कि सिख संगठनों द्वारा इनकी रिहाई की मांग को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश और केन्द्रीय गृह मंत्री को भी ज्ञापन सौंपा जा चुका है।
अंबाला में गुरबख्श सिंह इनकी रिहाई की मांग को लेकर 55 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
सिख संगत ने जेल में बंद सजा पूरी कर चुके सिखों की अविलंब रिहा करने की मांग करते हुए कहा कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में इस प्रकार की अन्याय असहनीय और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।