भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर भले ही हालात सामान्य हो रहे हैं, लेकिन सरहद पार की हलचल अभी भी संदिग्ध बनी हुई है। सीमा से सटे दोनों तरफ के गांवों का जीवन पटरी पर लौट रहा है। भारतीय क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों लगातार स्थिति की समीक्षा करने में जुटी हैं।
सीमा सुरक्षा बल ने संवेदनशीलता को देखते हुए सरहदी इलाके के चप्पे-चप्पे से वाकिफ दो कंपनियों को फिर से बुलाया है। दोनों ही कंपनियों की तैनाती जम्मू-कश्मीर के किसी बाहरी क्षेत्र में थीं, इनमें से एक कंपनी ने तो हीरानगर सेक्टर में फिर से कमान संभाल भी ली है। सूत्रों के अनुसार दूसरी कंपनी का अमला भी जल्द ही हीरानगर सेक्टर के सरहदी इलाके में तैनात होने जा रहा है।
सुरक्षा तंत्र के उच्च पदस्थ सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर हालात सामान्य होने के बावजूद पाकिस्तान की नापाक हरकतों को कोई भरोसा नहीं है। इसे देखते हुए ही हीरानगर के सीमावर्ती क्षेत्र में करीब तीन साल का अनुभव रखने वाली दो कंपनियों को फिर से बुला लिया गया है। इन कंपनियों का सरहदी क्षेत्र के ग्रामीणों के बीच अच्छा संबंध है।
सीमावर्ती इलाके में रेकी करने से लेकर पाकिस्तान की फार्वर्ड पोस्टों की हलचल पर नजर रखने और उसी के अनुरूप रक्षात्मक रणनीति तैयार करने में यह कंपनियां जानकार हैं।
इन्हें एडवांस इनपुट के लिए तैनात किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा के हालात पिछले कुछ महीनों से तनावग्रस्त चल रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तान की तरफ कड़ी नजर रखने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।