जम्मू यूनिवर्सिटी के कठुआ कैंपस के लिए भूमि देने वाले किसानों ने भूख हड़ताल का ऐलान कर दिया है। बुधवार से किसान बेमियादी भूख हड़ताल पर जाएंगे। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो वह अपने घरों का सारा सामान लेकर कठुआ कैंपस में डेरा जमा लेंगे।
मंगलवार को प्रदर्शन करते हुए किसानों ने कहा कि उन्हें अपना हक हासिल करने के लिए जान की बाजी लगानी पड़ रही है। इसके बावजूद किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे। मंगलवार को कठुआ कैंपस में किसान गफूर अहमद, मकबूल अहमद, मुश्ताक अली, मख्तूल, सुल्तान, कुर्बान अली और अकरम ने कहा कि यूनिवर्सिटी के कठुआ कैंपस के लिए लगभग पैंतीस कुनबों ने अपनी साढे़ तीन सौ कनाल भूमि सरकार को दी है।
इसके बदले भूमि देने का वादा आज तीन साल गुजर जाने के बावजूद भी पूरा नहीं किया गया है। किसानों के पास भूमि ही रोजी रोटी का एकमात्र जरिया था जो सरकार ने छीन लिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चार अलग-अलग स्थानों पर सरकार ने भूमि को उनके नाम तो कर दिया है, लेकिन कब्जा दिलाने के मामले में सरकार और प्रशासन की मंशा संदेहास्पद है।
पीडि़त किसानों ने कहा कि एक के बाद एक सीजन निकलता जा रहा है। किसान न तो फसल लगा पा रहे हैं और न ही घर का खर्च चला पा रहे हैं। मेहनत मजदूरी कर किसी तरह से काम चल रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अब उन्हें आरपार की लड़ाई से कोई नहीं रोक सकता। वह बुधवार से भूख हड़ताल पर जा रहे हैं। सुनवाई नहीं होने तक आंदोलन चलता रहेगा।