उधमुपर। महंगाई में बढ़ोतरी पर सोमवार को मजदूरों के सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने मजदूर दस्तकार यूनियन के बैनर तले केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रोष जताया है। उन्होंने कहा कि महंगाई ने गरीबों की कमर तोड़ दी है। सबसे अधिक परेशान दिहाड़ीदार है। एक तो सरकार ने कई सरकारी सुविधाओं से वंचित कर दिया है और अब महंगाई के कारण परेशानी दोगुनी हो गई है।
दोपहर 12 बजे मजदूर दस्तकार यूनियन के जिला प्रधान दर्शन कुमार के नेतृत्व में मजदूर एमएच चौक पर स्थित विश्वकर्मा मंदिर के बाहर एकत्र हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जिला प्रधान ने कहा कि दिन प्रतिदिन महंगाई बढ़ती जा रही है। घरेलू गैस का सिलिंडर भी खरीदना मुश्किल हो गया है। बाजार में हर जरूरत की चीज के दाम आसमान छू रहे हैं, केंद्र सरकार चुप्पी साध कर तमाशा देख रही है। लोकसभा चुनाव में मजदूर वर्ग ने भाजपा नीत केंद्र सरकार को बहुत ही उम्मीदों के साथ वोट दिए थे, लेकिन अब कार्यप्रणाली को देख कर निराशा हो रही है।
12 वर्ष पहले सरकार ने बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वेलफेयर बोर्ड का गठन किया और मजदूरों को लाभ देने के लिए कई योजनाएं तैयार कीं। लेकिन 2016 में कई योजनाओं को बंद कर दिया गया। इनमें एक योजना बेटियों की शादी के लिए आर्थिक मदद करना थी। श्रम विभाग की तरफ से मजदूरों को बेटी की शादी के लिए 25 हजार रुपये की मदद मिलती थी, जिसे 2016 से बंद कर दिया है। इसके कारण मजदूरों की परेशानी बढ़ गई है। पांच वर्ष से मजदूर बेटी की शादी के लिए उधार ले रहे हैं। कई बार इस सुविधा को शुरू करने की मांग को सरकार के सामने रख चुके हैं, लेकिन आश्वासनों के अलावा कुछ भी नहीं मिला है। वहीं, मजदूूरों को पेंशन की सुविधा नहीं मिल सकी है। महंगाई से राहत प्रदान करने के लिए जल्द मजदूरी का बढ़ाया जाना चाहिए।