उधमपुर। लगभग तीन माह से पर्याप्त बारिश न होने और शुष्क ठंड की वजह से तापमान में काफी गिरावट आई है। सोमवार को बादलों में कैद हुई धूप ने ठंड बढ़ा दी। इससे लोग ठिठुरने को मजबूर हो गए। सोमवार को अधिकतम तापमान 12.9 और न्यूनतम 1.2 दर्ज किया गया।
इससे ठंड बढ़ गई है। शीतलहर ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है। दिसंबर भी अपने अंतिम पड़ाव पर है। ऐसे में अब तक हर वर्ष बारिश के कारण मौसम काफी सामान्य हो जाता था। जिले में बारिश न होने की वजह से सूखी ठंड और शीत लहर की वजह से अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडराने लगा है। ऐसे में लोग घरों से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं। जिन लोगों को मजबूरन अपने कामकाज या फिर व्यापार आदि के लिए बाहर निकलना पड़ रहा है, वे जैसे तैसे खुद काे ठंड से बचाव कर रहे हैं। मौजूदा समय में कंपकंपा देने वाली ठंड से हर कोई ठिठुरने पर मजबूर है। उस पर बादलाें के घेरे ने धूप को भी कैद कर रखा है और हर जगह कोहरे का ठहराव देखा जा सकता है। लोगों को मजबूरन बालन जलाकर जैसे तैसे समय व्यतीत करना पड़ रहा है।
सेहत का विशेष ध्यान रखने की जरूरत
चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. अरुण महाजन ने बताया कि मौजूदा समय सूखी ठंड की वजह से सेहत का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अपने आप को गर्म रखना चाहिए। इस ठंड की वजह से सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी की तकलीफ बढ़ सकती है। निमोनिया की शिकायत भी हो सकती है। गर्म सर्द का विशेष ध्यान रखेें और गर्म कपड़ों के साथ दोपहिया वाहन चलाते समय मुंह और सिर को पूरी तरह से ढक कर रखें।
बारिश और बर्फबारी हल्की फुहार तक रही सीमित
सोमवार को सुबह से आसमान पर बादल छाए रहे और जिले मुख्यालय सहित चिनैनी और रामनगर तहसील में धूप न निकलने की वजह से ठंड का पारा काफी अधिक रहा। खासकर पंचैरी, बसंतगढ़, पत्नीटाॅप, नत्थाटाॅप और सनासर में कोहरा छाया रहा। पत्नीटाॅप में हल्की बर्फबारी और उधमपुर में हल्की बारिश की फुहार जरूर देखने को मिली। इससे बारिश के आसार नजर आने लगे लेकिन हल्की-हल्की बूंदाबांदी के बाद मौसम फिर वैसा ही हो गया और ठंड का प्रकोप बरकरार रहा।
बारिश नहीं, सब्जी की खेती को खतरा
वहीं चिनैनी और कुद में बारिश न होने की वजह से किसानों को अपनी सब्जी की चिंता सताने लगी है। सोमवार को पूरी तरह से बादल छाने पर किसानों में काफी उम्मीद जगी थी लेकिन बारिश नहीं हुई। इससे किसानों को फिर से मायूस होना पड़ा। किसान किशोर कुमार, राजकुमार और बेली देवी ने बताया कि उन्होंने टमाटर, मूली, गोभी और कड़म के बीज बो रखे हैं लेकिन बारिश न होने की वजह से उनकी सब्जी खराब होने के कगार पर पहुंच गई है। उम्मीद है कि जल्द बारिश होगी, जिससे उनकी सब्जी बच पाएगी।
मौसम विभाग के मुताबिक बादलों की वजह से तापमान में गिरावट और ठंड बढ़ी है। हल्की बूंदाबांदी के भी आसार थे लेकिन मंगलवार को ठंड से राहत मिल सकती है। बारिश के आसार नहीं हैं। इस सीजन में सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 12.9 डिग्री सेल्सियस रहा है। यह इस सीजन का सबसे कम तापमान है।