उधमपुर। जिले में जलजीवन मिशन को लागू करने को लेकर जलशक्ति विभाग निजी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगा। निजी एजेंसियों का काम ग्रामीण इलाकों में पहुंच लोगों को जलजीवन मिशन के बारे में जानकारी देना है और इसको लागू करने के लिए प्रशिक्षण देकर तैयार करना है। वह सरपंच व अन्य प्रतिनिधियों को बताएंगे किस तरह से इस योजना को चलाना है।
केंद्र सरकार ने जलजीवन मिशन के तहत हर घर में नल लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसको लेकर तेजी से काम चल रहा है। इसके लिए पाइप लाइन बिछाने और घरों तक पानी पहुंचाने का काम जलशक्ति विभाग करेगा। लेकिन इसको लागू करने का काम पंचायत प्रतिनिधि, आंगनबाड़ी वर्कर्स, आशा वर्कर्स और ग्रामीण ही करेंगे। पानी का किराया, कर्मचारियों की नियुक्ति और काम करवाना भी यही लोग करेगे। इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों को जागरूक और प्रशिक्षण देने काम निजी एजेंसियां करेंगी। इसके लिए जिले को पांच क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। हर क्षेत्र में 60 से 80 गांव रखे गए हैं। प्रत्येक एजेंसी को एक क्षेत्र दिया जाएगा, जहां एजेंसी कर्मी ग्रामीणों को प्रशिक्षण देंगे।
पंचायत पानी समीतियां और विलेज वाटर सेनिटेशन कमेटी का गठन जारी
जलजीवन मिशन को लागू करने का काम सरपंच ने करना है। समीति और कमेटी का चेयरमैन सरपंच को बनाया गया है। इसके साथ आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी वर्कर्स, विभाग जेई को इसका सदस्य बनाया गया है। यही लोग पानी का किराया जमा करेंगे और कर्मचारियों की नियुक्ति करने के बाद पानी खोलने, मरम्मत व रख रखाव का भी जिम्मा संभालेंगे। इसी के लिए ग्रामीणों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
एक गांव पर खर्च होंगे 64 हजार रुपये
निजी एजेसियां इन लोगों को तैयार करने और योजना को अमल में लाने के लिए डेढ़ वर्ष तक काम करेंगी। डेढ़ वर्ष लोगों के साथ मिल करना है। सरकार की तरफ से एक गांव पर 64 हजार रुपये की राशि खर्च की जा रही है। गांव के हिसाब से ही पैसा मिलेगा और यह लोग ग्रामीणों को इसके लिए तैयार करेंगे।
जलजीवन मिशन को लागू करने में सहयोग करने के लिए निजी एजेंसियों को रखा जा रहा है। यह एजेंसियां विभाग की मदद करेंगी। इसके लिए दो एजेंसियों ने टेंडर भरे हैं और जल्द तीन अन्य एजेंसियों को भी काम सौंपा जाएगा। यह एजेंसियां ग्रामीणों को पशिक्षित करेंगी।
- ताज चौधरी, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग, उधमपुर