उधमपुर। जिले में विभिन्न विभागों की ओर से किए जा रहे विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए संभागीय आयुक्त जम्मू रमेश कुमार उधमपुर पहुंचे। रविवार को उन्होंने सीएसएस और अन्य ढांचागत विभागीय परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
इस दौरान डीसी कार्यालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने उधमपुर से संबंधित योजनाओं व कार्यक्रमों के परिपालन का जायजा लिया। बैठक में जिला विकास आयुक्त कृतिका ज्योत्सना, एसएसपी डॉ. विनोद कुमार, बीडीसी अध्यक्ष, डीडीसी अध्यक्ष, डीडीसी सदस्य, उधमपुर नगर परिषद के सदस्य और रामनगर व चिनैनी नगर समिति के सदस्यों के अलावा विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख उपस्थित रहे।
प्रारंभ में डीसी ने जिले में विभिन्न विभागों की ओर से चलाए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की क्षेत्रवार जानकारी दी। उन्होंने पवित्र नदी देविका के प्रदूषण उन्मूलन, योग अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र मानतलाई, चिनैनी सुद्धमहादेव रोड, उधमपुर से चिनैनी एनएच-44, मानतलाई और सुद्धमहादेव, आदि में पर्यटक सुविधाओं का एकीकृत विकास सहित मेगा परियोजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी दी।
इसके बाद मंडलायुक्त ने समय सीमा के साथ परियोजना को पूरा करने के लिए कर्मियों और मशीनरी को बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यकारी एजेंसियों को उधमपुर शहर के विभिन्न स्थानों के जीर्णोद्धार कार्य को जल्द पूरा करने को कहा। उन्होंने डीसी को प्रतिष्ठित परियोजना के चल रहे विकास कार्यों की निगरानी करने के अलावा एसई यूईईडी को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। पर्यटन सुविधा केंद्र मानतलाई के चल रहे कार्यों की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश कार्यकारी एजेंसियों को दिए गए।
मंडलायुक्त ने विभिन्न योजनाओं एवं फ्लैगशिप कार्यक्रमों, जिला कैपेक्स बजट 2021-22 और 2022-23 के तहत वित्तीय व भौतिक प्रगति, बैक टू विलेज योजना, पर्यटक गांव विकास कार्यक्रम, लाभार्थी उन्मुख योजनाएं, आधार सीडिंग, मनरेगा, ग्राम स्वराज माह सौ सूत्री एजेंडा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, कृषि क्षेत्र, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मुमकिन योजना, प्रधान मंत्री आवास योजना (शहरी), आदि की स्थिति की समीक्षा की।
उपायुक्त ने मंडलायुक्त को अवगत कराया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान (बी2वी3) के तहत कुल 1055 कार्य किए गए, जिनमें से अब तक 338 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। मंडलायुक्त ने संबंधित विभागों को जमीनी स्तर पर बेहतर परिणाम के लिए तालमेल बनाकर काम करने के निर्देश दिए। पीडीडी विभाग को शहर और आसपास बिजली आपूर्ति को विनियमित करने और अनिर्धारित बिजली कटौती से बचने के लिए कहा।
पेयजल की किल्लत के संबंध में उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में पानी की आपूर्ति का नियमन सुनिश्चित किया जाए, और क्षतिग्रस्त पाइपों को जल्द बदला जाए। सीईओ को जिले में शिक्षण स्टाफ को युक्तिसंगत बनाने के लिए एक सूची तैयार करने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी, आरडीडी और अन्य विभागों को अपने-अपने विभागों में टेंडरिंग और आकलन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
डिवकॉम ने जोर देकर कहा कि बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और पीएचई सरकार की मुख्य प्राथमिकता वाले क्षेत्र हैं। उन्होंने अधिकारियों को जोश, ईमानदारी और समर्पण के साथ लोगों तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत करने को कहा। इसके अतिरिक्त मंडलायुक्त ने श्री अमरनाथ जी यात्रा 2022 की तैयारियों की भी समीक्षा की।
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बीडीसी, डीडीसी और नगर परिषद सदस्यों से की बात
डिवकॉम ने बीडीसी अध्यक्षों, डीडीसी पार्षदों, नगर परिषद के सदस्यों और रामनगर व चिनैनी की नगर समितियों के साथ भी बातचीत की। उन्होंने पीने के पानी की आपूर्ति में वृद्धि, गोदाम की स्थापना, बस स्टैंड की शिफ्टिंग, बिजली आपूर्ति, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की कमी, शिक्षण कर्मचारियों का युक्तिकरण, बैंक शाखा खोलना, हैंडपंप, सड़क, पटनीटॉप में पार्किंग, मनरेगा के तहत लंबित देनदारियां, डॉक्टरों की नियुक्ति, एंबुलेंस सुविधा, सड़क का उन्नयन, स्कूलों का उन्नयन, उधमपुर शहर की भीड़भाड़, आदि जैसे कई मुद्दों को सुना। डिवकॉम ने आश्वासन दिया कि सभी मुद्दों पर विचार किया जाएगा।