उधमपुर। बिरमा पुल का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद रविवार को मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं, वाहनों की आवाजाही भी बंद कर दी है। अब चालकों को उधमपुर शहर पहुंचने के लिए 15 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर फ्लाटा और फोरलेन राजमार्ग से होकर सफर करना पड़ रहा है। बीआरओ का कहना है कि मरम्मत का काम पूरा होने के बाद ही वाहनों की आवाजाही को शुरू किया जा सकता है।
गौरतलब है कि शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे तेज बारिश के दौरान पुराने राजमार्ग पर बने बिरमा पुल का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर बिरमा नाले में गिर गया था। इससे पहले 2020 में भी यही हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था और करीब एक महीने तक पुल पर वाहनों की आवाजाही को बंद रखा गया था। बीआरओ की टीम ने मौके का निरीक्षण करने के बाद रविवार को मौसम में सुधार होने पर मरम्मत का काम शुरू किया। लेकिन इसके बाद पुल पर वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। ग्रेफ का कहना है कि पुल की मरम्मत का कितने दिन लगेंगे। इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है। लेकिन जब तक मरम्मत का काम चलेगा तब तक वाहनों की आवाजाही को बंद रखने को मजबूर होना पड़ेगा। वाहनों की आवाजाही बंद किए जाने पर उधमपुर शहर आने वाले वाहनों को अब करीब 15 किलोमीटर लंबा सफर तय करना पड़ रहा है।
सलमेड़ी, क्रिमची, सप्लाई मोड़, पंचैरी, मोंगरी व अन्य कई रूट पर चलने वाले वाहनों को पहले फ्लाटा जाना पड़ा है। फिर वहां से फोरलेन राजमार्ग के रास्ते ही वह उधमपुर शहर पहुंच रहे हैं। पहले जहां उनको तीन या चार किलोमीटर का सफर करना पड़ रहा था। वहीं अब उनको 150 किलोमीटर लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। इससे जम्मू, कटड़ा व अन्य कई स्थानों से आने वाले वाहनों को भी रूट बदलना पड़ा है। शहरवासियों का कहना है कि पिछले बार भी ग्रेफ ने मरम्मत का काम करने को एक महीना लगा दिया था। उनकी मांग है कि इस काम को जल्द पूरा किया जाए। प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग से संबंधित इमरजेंसी के लिए एंबुलेंस को चलने की अनुमति दी है।