कटड़ा। नव वर्ष के आगमन पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचते हैं। लेकिन कोरोना संक्रमण के मामले फिर से बढ़ने और पंजाब में किसानों के आंदोलन के चलते ट्रेनें बंद होने से मां वैष्णो देवी के दर्शन करने आने वालों की संख्या में गिरावट आई है। इन दिनों कम संख्या में भवन सहित कटड़ा में यात्री पहुंच रहे हैं। इसके चलते कटड़ा में कारोबार पर भी असर पड़ा है। लखनपुर में वैक्सीन की डबल डोज लेने वालों की भी कोरोना जांच अनिवार्य करने से भी यात्रा पर असर पड़ा है।
कोविड से पहले इन दिनों औसतन पचास हजार के करीब भक्त हर दिन धर्मनगरी में पहुंचते थे और मां वैष्णो देवी के दर्शन करने जाते थे। वर्तमान में ऑनलाइन पंजीकरण सहित दस से बारह हजार के करीब ही भक्त मां वैष्णो देवी के चरणों में हाजिरी लगाने पहुंच रहे हैं। उधर, स्थानीय व्यापारी अरुण शर्मा, करण सिंह, राकेश कुमार, देवेेंद्र शर्मा, सूरज थापा, करनैल सिंह का कहना है कि पिछले वर्ष तो बोर्ड प्रशासन सहित राज्य प्रशासन द्वारा इन दिनों यात्रा का आंकड़ा दस हजार के करीब रखा हुआ था, जबकि वैक्सीन भी नहीं आई थी। अब तो वैक्सीन भी लगभग लग चुकी है।
व्यापारियों का कहना है कि सरकार ने किसानों की मांगें मान ली हैं, फिर भी पंजाब में किसानों द्वारा ट्रेनें रोक दी गई हैं। इससे हमारा कारोबार चौपट हो गया है। दिनभर ग्राहकों के आने का इंतजार करते रहते हैं। दो वर्षों से हमारा कामकाज ठप पड़ा है। उधर, पंजीकरण कक्ष के अनुसार रविवार को 21 हजार के करीब भक्त भवन की ओर रवाना हुए थे। लेकिन सोमवार को शाम छह बजे तक आठ हजार के करीब ही भक्तों ने पंजीकरण करवाया था, जबकि कक्ष के बंद होने में समय बाकी था।