फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Udhampur News: 15 दिनों से बंद स्कूलों में आज लौटेगी रौनक

विज्ञापन
विज्ञापन
-क्षतिग्रस्त स्कूलों में शिक्षा संचालन पर संकट बरकरार
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। खराब मौसम के चलते करीब 15 दिन से बंद स्कूलों के दोबारा खुलने से बुधवार को विद्यार्थियों की रौनक लौटेगी। हालांकि ध्वस्त व क्षतिग्रस्त इमारतों वाले स्कूल फिलहाल बंद ही रखे जाएंगे।
इसके अलावा अन्य स्कूलों को खोलने के लिए भी इन स्कूलों की प्रबंधन समितियों को लोक निर्माण विभाग द्वारा अपने-अपने स्कूल की इमारतों का सुरक्षा ऑडिट करवाकर इसका प्रमाण पत्र जमा कराना होगा। इसको लेकर स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू कश्मीर की तरफ से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्कूल पुनः खोलने से पहले अनिवार्य सुरक्षा उपाय करने जरूरी है। इसके तहत आदेश दिया गया है कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा वैध संरचनात्मक सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी किए जाने तक सरकारी या निजी स्कूलों में कोई भी ऑफलाइन कक्षाएं शुरू नहीं होंगी।
विज्ञापन

संस्थान प्रमुखों/स्कूल प्रबंधन समितियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्कूल भवनों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराएं और संबंधित प्राधिकारी को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। विद्यालय प्रबंधन समितियों को सुरक्षा प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद अपने-अपने विद्यालयों की समग्र तैयारी का मूल्यांकन भी करना होगा। यदि कोई संस्थान प्रमुख एवं विद्यालय प्रबंधन समिति इस बात से संतुष्ट है कि उनके भवन को संरचनात्मक रूप से सुरक्षित होने के कारण सुरक्षा ऑडिट की आवश्यकता नहीं है, तो वे ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने से पहले, एक वचनबद्धता प्रस्तुत करेगा कि विद्यालय ऑफ़लाइन कक्षाओं के संचालन के लिए संरचनात्मक रूप से पूरी तरह सुरक्षित है।
यह वचनबद्धता संबंधित सीईओ एवं जेडईओ को प्रस्तुत की जाएगी।

इनसेट:
जान को जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचते नजर आए शिक्षक, स्कूल खुलने पर कैसे पहुंच पाएंगे विद्यार्थी, बड़ा सवाल
इमारतों की सुरक्षा आडिट कराकर स्कूल खोलने का आदेश तो शिक्षा विभाग की तरफ से जारी कर दिया गया है लेकिन बड़ा सवाल अभी भी यह बना हुआ है कि जिन दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में स्कूल तक पहुंचने के रास्ते दुर्गम हो गए हैं उन स्कूलाें में विद्यार्थी पंहुचेंगे कैसे?
यह चिंता शिक्षकों को भी सता रही है। स्कूल खोलने से पहले शिक्षा विभाग की तरफ से स्कूलों की हालत की जांच पड़ताल के लिए सोमवार और मंगलवार को स्कूलाें में शिक्षकों को बुलाया गया था लेकिन इन दो दिनों के दौरान कई ग्रामीण इलाकों में शिक्षक कहीं पुल क्षतिग्रस्त होने अथवा कहीं सड़क संपर्क ध्वस्त होेने के कारण नदी-नालों और भूस्खलन वाले दुर्गम रास्तों से जान को जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचते नजर आए। इन शिक्षकों का कहना था कि स्कूल खुलना अच्छी बात है कि स्कूल तक पहुंचने के लिए रास्तों को भी ठीक किया जाना अत्याधिक जरूरी है।
विज्ञापन



-
स्कूलों की इमारतों का सुरक्षा प्रमाण पत्र जमा करने को कहा गया है। सुरक्षा ऑडिट के बिना किसी भी सरकारी स्कूल को खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि निजी स्कूल की प्रबंधन समिति को अगर लगता है कि उनकी स्कूल की इमारत सुरक्षित है और इसमें विद्यार्थियों के लिए किसी तरह का कोई खतरा नहीं हैं तो वे इसकी जिम्मेदारी के उठाने के लिए अपने लैटर हेड पर वचनबद्धता का प्रमाण पत्र देने के बाद स्कूल खोल सकते हैं।- कमल किशोर बड़याल, सीईओ, उधमपुर
-
अभी तक 75 स्कूलों का सुरक्षा ऑडिट करके प्रमाण पत्र दे दिए गए हैं और शेष का भी काम जारी है, इसको लेकर टीमें का काम कर रहीं हैं।
सुनील कुमार थुसु, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग, उधमपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें