बसंतगढ़ लाटी में भूस्खलन होने से कई मकान और कई सरकारी इमारतें हो गई थी क्षतिग्रस्त
उधमपुर। वायु सेना की सहायता से जिले के विभिन्न स्थानों पर राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। सेना की 48 आरआर की टीम ने भूस्खलन के बाद लाटी घराट के क्षतिग्रस्त स्कूल से महत्वपूर्ण दस्तावेज व संपत्ति को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी।
बसंतगढ़ लाटी में लैंडस्लाइड होने से कई मकान व कई सरकारी इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई। इसमें लाटी का स्कूल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और इसमें विद्यार्थियों के काफी जरूरी दस्तावेज दब गए थे। इस पर 48 आरआर के जवानों ने रक्षा का जिम्मा अपने कंधों पर लिया। निस्वार्थ कार्य से यह सुनिश्चित किया कि बच्चों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रूप से निकाले गए और लोगों को सौंपे गए। वहीं, हवाई मार्ग से राहत सामग्री पहुंचाने को लेकर अभियान अभी भी जारी है और मौसम की स्थिति के आधार पर और अधिक स्टेशनों तक पहुंचाया जा रहा।
राहत सामग्री वितरण सहित समस्याओं को सुना
एसीआर डॉ. उमेश शान ने नुकसान का आकलन करने के लिए पटवार हल्का उधमपुर के कशिराह में चन्नी पुल स्थल का दौरा किया। एसडीएम डॉ. रणजीत सिंह कोतवाल और तहसीलदार ने उधमपुर के स्वयंसेवकों के साथ, उधमपुर के सिवुना क्षेत्र में बारिश से प्रभावित परिवारों को राशन और आवश्यक आपूर्ति वितरित की।
बिजली ढांचे की बहाली में लोगों ने मिलाया कंधा
कुद, मंडलोट, पचोट और संगोट के स्थानीय लोगों ने उधमपुर प्रशासन और पीडीडी बटोत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पानी के नमूने एकत्रित कर उन्हें निर्धारित प्रयोगशालाओं में परीक्षण के लिए भेजा।
जम्मू-कटड़ा रेल ट्रैक हुआ बाधित
वहीं रविवार को रामनगर (रौन दोमेल) और मनवाल रेलवे स्टेशन के बीच सुरंग संख्या 16 के पास अचानक भूस्खलन के बाद जम्मू, उधमपुर और कटड़ा के बीच ट्रेन आवाजाही पूरी तरह से स्थगित कर दी गई है। राहत कर्मियों की ओर से मलबे को हटाया जा रहा है। इसके बाद रेलवे ट्रैक को पहुंचे नुकसान हा आकलन किया जाएगा और उसके बाद ही जम्मू-कटड़ा के बीच हाल ही में शुरू कर गई लोक ट्रेन व अन्य ट्रेन के संचालन की अनुमति दी जाएगी।