संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जम्मू-कश्मीर शिक्षक संयुक्त कार्रवाई समिति की मासिक बैठक प्रदेश अध्यक्ष विनोद शर्मा और जिला अध्यक्ष लेख राज परिहार के नेतृत्व में रविवार को हुई। इसमें ज्वलंत मुद्दों को उठाते हुए शिक्षा मंत्री सहित सचिव स्कूल शिक्षा से प्रदेश के हजारों शिक्षकों के मुद्दों को हल करने का आग्रह किया गया।
रहबर-ए-तालीम (आरईटी) योजना के तहत नियुक्त शिक्षकों के पक्ष में व्यापक स्थानांतरण नीति के मुद्दे को उठाते हुए विनोद शर्मा ने शिक्षा मंत्री से समाधान की अपील की। उन्होंने कहा कि कैट ने भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नियमितीकरण के बाद आरईटी सामान्य लाइन शिक्षकों के बराबर हैं और उनकी भर्ती के तरीके के आधार पर उनमें अंतर नहीं किया जा सकता है और उन्हें जिले के भीतर स्थानांतरित किया जा सकता है।
एक जनवरी 2010 या उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों के पक्ष में पुरानी पेंशन योजना के वास्तविक और ज्वलंत मुद्दे को उठाते हुए शर्मा ने सरकार से अपने वादे को पूरा करते हुए इसे लागू करने की अपील की। मध्याह्न भोजन की बकाया राशि जारी करने के वास्तविक मुद्दे पर प्रकाश डालते हुए शर्मा ने कहा कि शिक्षकों ने योजना के सुचारु संचालन के लिए खाद्य सामग्री खरीदने के लिए अपनी जेब से धन राशि का प्रबंध किया है, लेकिन यह धनराशि वर्ष 2024-25 में केवल तीन से चार महीनों के लिए ही जारी की गई है। अभी भी वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए भारी देनदारी है और शिक्षक अब इसे जारी रखने में असमर्थ हैं।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से लंबित बकाया राशि जारी करने की अपील की, अन्यथा उन्हें सितंबर 2025 से मध्याह्न भोजन बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा और गरीब छात्रों की पीड़ा के लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने स्कूल शिक्षा निदेशक जम्मू से उन छूटे हुए आरईटी के नियमितीकरण आदेश जारी करने की भी अपील की, जिन्होंने पांच साल की आरईटी अवधि पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि हाल ही में स्कूल शिक्षा निदेशक जम्मू ने कुछ आरईटी को नियमित करने का आदेश जारी किया है और आरआरईटी को शिक्षक ग्रेड II और III में परिवर्तित किया गया है, जो निदेशालय का काफी सराहनीय कार्य है और लंबित मामलों के लिए भी यही उम्मीद है।
उन्होंने निदेशक से शिक्षकों की डीपीसी मास्टर्स में करने की भी अपील की ताकि बैकलॉग को पूरा किया जा सके। बैठक में शाम शर्मा, सुकेश खजूरिया, प्रीतम गोस्वामी, चैन सिंह, रविंदर सिंह राठौड़, शमशेर सिंह, जगदीश चंद्र शर्मा, सुरेश शर्मा, शाम सिंह, मनोज शर्मा आदि मौजूद थे।