वीनस चौक स्थित संसार कांप्लेक्स में श्रीमद्भागवत कथा सातवें दिन जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। प्रकृति का नियम है कि बुद्धिहीन व्यक्ति ज्ञान प्राप्त नहीं कर सकता और हृदयहीन से भक्ति नहीं हो सकती। यह ज्ञान संत सुभाष शास्त्री ने मंगलवार को वीनस चौक स्थित संसार कांप्लेक्स में श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन संगत को दिया।
उन्होंने बताया कि जब गुरु धारण करना हो तो विवेक से काम लें। कम से कम ऐसे व्यक्ति को गुरु न बनाएं, जो संस्कारहीन, वेद-शास्त्रों को जानता-मानता न हो। ग्रंथ और संत हमें मोक्ष प्राप्ति का केवल मार्ग बतलाते हैं। चलना हर किसी को स्वयं ही है। कोई बेड़ा पार करवा ही नहीं सकता। इसके लिए स्वयं की खोज स्वयं को ही करनी है। इसलिए ऐसे मत पंथों से बचो और सनातन धर्म का अनुसरण करते हुए स्वयं का कल्याण कर लो।
कहने का तात्पर्य है कि मनुष्य को अपने धर्म का त्याग नहीं करना चाहिए और न ही करवाना चाहिए। अपने धर्म का पालन करते हुए हमें कल्याण प्राप्त करना चाहिए। अंत में शास्त्री महाराज ने सभी से भ्रष्टाचार को समाज से उखाड़ फेंकने के लिए संकल्प लेने का अनुरोध किया।