उधमपुर। करीब 20 वर्ष से पानी की किल्लत से जूझ रहे देविकानगरी को अब दो नए फिल्ट्रेशन प्लांट तैयार कर पानी की सप्लाई देने की योजना तैयार कर ली गई है। शहर के दो अलग अलग स्थानों पर दो फिल्ट्रेशन तैयार किए जाएंगे और इनके तैयार होने के बाद देविकानगरी को अगले 30 वर्ष तक पानी की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए 95 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर सचिवालय में मंजूरी के लिए भेज दी गई है।
उधमपुर शहर की एक लाख से ज्यादा आबादी को हर रोज 60 लाख से ज्यादा गैलन पानी की जरूरत है, लेकिन जलशक्ति विभाग पुराने दो फिल्ट्रेशन प्लांट से शहरवासियों तक केवल 38 लाख गैलन पानी की सप्लाई पहुंचा पा रहा है। शहरवासियों को हर रोज 22 लाख गैलन पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को दूर करने के लिए कई योजनाएं तैयार की गई, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका काम नहीं शुरू हो सका। पानी की किल्लत को लेकर आए दिन शहर के अंदर लोग प्रदर्शन करते हैं। लेकिन अब जलशक्ति विभाग ने इसको लेकर गंभीरता के साथ काम शुरू किया है। विभाग ने 2019 में नए फिल्ट्रेशन प्लांट के लिए 65 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर सरकार के पास भेजा था। इससे पहले की इसको मंजूरी मिलती 2020 में कोरोना संकट सामने आने के बाद मंजूरी मिलने का कार्य अधर लटक गया। वहीं जब डीपीआर को सरकार ने पड़ा तो विभाग को नए सिरे से डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद जलशक्ति विभाग ने अब नए सिरे से डीपीआर तैयार कर सरकार के पास भेजी है।
योजना फलीभूत होने से 30 वर्ष तक मिलेगा लाभ
2019 की डीपीआर के मुताबिक नया फिल्ट्रेशन प्लांट बनने के बाद शहर को 15 वर्ष तक पानी की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ता, लेकिन सरकार का कहना है कि अब जो भी नई योजना बनेगी, वह अगले 30 वर्ष की तैयारी को लेकर बनेगी। इसलिए जलशक्ति विभाग ने अगले 30 वर्ष को ध्यान में रख कर 95 करोड़ का नया प्रस्ताव तैयार किया है और इस प्रस्ताव में दो फिल्ट्रेशन प्लांट तैयार करने की योजना है।
सलमेह और डिब्बर में तैयार होंगे नए फिल्ट्रेशन प्लांट
नई डीपीआर के अनुसार पहला फिल्ट्रेशन प्लांट सलमेह में तैयार किया जाएगा और इसकी क्षमता 1.60 लाख प्रति गैलन पानी को फिल्टर करने की होगी, जबकि डिब्बर में तैयार किए जाने वाले फिल्ट्रेशन प्लांट कही क्षमता 1.0 लाख गैलन पानी को फिल्टर करने की होगी। इनके बनने के बाद शहरवासियों को अगले 30 वर्ष तक पानी की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। दोनों फिल्ट्रशन प्लांट तवी नदी के किनारे पर बनेंगे और तवी नदी के पानी को ही लिफ्ट व फिल्टर कर शहरवासियों तक पहुंचाया जाएगा।
इसकी डीपीआर तैयार कर सचिवालय को भेज दी गई है। नई डीपीआर सरकार के निर्देश अनुसार ही तैयार की गई है और इसको जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी विभाग इसको लेकर काम शुरू कर देगा।
- ताज चौधरी, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग उधमपुर