कसबे के मुख्य बाजार में स्थित जिला अस्पताल को अगार बल्लिया गांव में बनाई गई इमारत में शिफ्ट किए जाने के फैसले पर प्रशासन और स्थानीय नागरिक आमने-सामने आ गए हैं।
कसबे के लोग इस बात पर अड़े हुए हैं कि पहले नए बनाए गए अस्पताल में सभी सुविधाएं दी जाए। इसके अलावा पुराने को भी बंद नहीं किया जाए ताकि कोई समस्या उत्पन्न नहीं हो।
सोमवार को जब लोगों को इस बात की भनक लगी कि प्रशासन जिला अस्पताल को शिफ्ट करने की पूरी तैयारी कर ली है तो लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से मिलने पहुंचा, लेकिन वह मौके पर मौजूद नहीं थे।
इसके बाद देर शाम को एसीआर अब्दुल सत्तार और अन्य अधिकारी लोगों से मिलने पहुंचे। इस दौरान लोगों ने उन्हें यही कहा गया कि बिना पूरी सुविधाएं दिए अस्पताल को शिफ्ट नहीं करने दिया जाएगा।
अधिकारी ने उन्हें कहा कि मौजूदा समय के दौरान चल रहे अस्पताल को पूरी तरह से बंद नहीं किया जाएगा। जहां पर आपातकालीन के साथ ही जच्चा-बच्चा वार्ड और डिलिवरी आदि की सुविधाएं दी जाएगी। इसके बाद उन्होंने अस्पताल का दौरा कर उसका निरीक्षण भी किया।
वहीं लोगों का कहना है कि अगर स्टाफ के साथ ही अन्य जरूरतों को परे रखकर अस्पताल को शिफ्ट किया जाता है तो वह इसका कड़ा विरोध करेंगे। सड़कों पर उतर सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि वे लोगों के साथ तालमेल बना कर ही किसी प्रकार का कोई फैसला करें।