उधमपुर के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि मार्च महीने में 24 घंटे में रिकार्ड बारिश हुई है। रविवार की सुबह से सोमवार की सुबह तक उधमपुर में 99.6 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
लगातार बारिश के कारण दूसरे दिन भी लोगों को बिजली, पानी की पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पाई। लोग हलकान रहे।
हर बार कुदरत अपना अजीब रंग दिखा रही है। सितंबर 2014 में भी बारिश ने कहर बरपाया था।
पूरे राज्य में सबसे अधिक बारिश उधमपुर में ही हुई थी। मार्च में फिर रिकार्ड बना। एयरफोर्स के मौसम विभाग के मुताबिक रविवार की सुबह आठ बजे से सोमवार की सुबह साढ़े आठ बजे तक 99.6 एमएम बारिश का रिकार्ड बना है।
इसके अलावा सोमवार सुबह से लेकर शाम तक 16 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। अभी तक कुल 115.6 एमएम बारिश हुई है। सोमवार को अधिकतम तापमान 13.7 और न्यूनतम तापमान 9.6 रिकार्ड किया गया है।
दूसरी तरफ बिगड़ैल मौसम के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से रविवार रात से ही घाटी जाने वाले वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इससे शहर के रठियान, जखैनी, बट्टलबालियां इलाके में सैकड़ों की संख्या में ट्रकों को रोक दिया गया था।
फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्ग पर अब सिर्फ वाहन ही देखे जा रहे हैं। वहीं दो दिन से रोके जाने के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। सोमवार को भी किश्तवाड़ में पूरा दिन बर्फबारी और बारिश होती रही, इससे ठंड का शिकंजा कस गया है।
इससे कारोबार पर भारी असर पड़ रहा है। बर्फ शहर में भी गिरी, हालांकि वह जमी नहीं। बर्फ के साथ-साथ बारिश ने मौसम को और बिगाड़ दिया। मौसम के बिगड़े मिजाज के चलते सड़कों पर वाहन नहीं चले। पाडर, पलमाड़, सरथल, ठाकराई और छात्रू में भी खूब बारिश व बर्फबारी हुई।
संपर्क मार्गों पर पस्सियां से आवाजाही बंद दही। राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी कई जगह पास्सियां गिरीं। कांदनी, द्राबशाला, वरडा आदि के पास मार्ग बंद रहा। पीडब्लूडी विभाग के कर्मचारी मार्ग को खोलने में लगे रहे, लेकिन खबर लिखे जाने तक आवाजाही बहाल नहीं हुई थी।
मौसम खराब होने से मोबाइल सेवाएं भी बाधित रहीं। शहर में गलियों में बारिश का पानी एकत्र होने से आम लोगों को चलने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।