तीसरे नवरात्र पर शनिवार होने के बावजूद वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं की संख्या में कमी रहने का सिलसिला बरकरार रहा। देर शाम तक 23 हजार के करीब श्रद्धालु भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। इस प्रकार से पहले तीन नवरात्र में भक्तों की संख्या 70 हजार के आंकड़े के पास पहुंच गई।
जबकि वर्ष 2013 में पहले तीन नवरात्र में लगभग दोगुना 1.37 लाख भक्तों ने प्राकृतिक पिंडियों के समक्ष नमन किया था।
पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार की सुबह कक्ष के खुलने पर भक्तों की संख्या पहले दिन के मुकाबले अधिक नजर आई, लेकिन धीरे-धीरे पंजीकरण की कतार गायब होती नजर आई।
शाम आठ बजे तक 23 हजार भक्तों ने पंजीकरण करवा लिया था। जबकि कक्ष के बंद होने को अभी दो घंटे शेष थे। इससे पहले वर्ष 2013 के तीसरे नवरात्र पर 43 हजार 984 श्रद्धालुओं ने भवन में माथा टेका था। पहले तीन दिनों के आंकड़ों पर अगर नजर डाली जाए तो पता चलेगा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार आधे यात्री ही दर्शन को आ रहे हैं।
ऐसा माना जा रहा है कि यात्रा में भारी कमी के लिए पिछले दिनों राज्य में आई आपदा ही जिम्मेदार है। यात्रा में इस कमी के कारण व्यवसायी वर्ग की चिंता बरकरार है। अब भी उम्मीद है कि आखिरी नवरात्र के साथ लगातार आ रही छुट्टियों पर भक्तों की संख्या में वृद्धि दर्ज होगी।