उधमपुर/पंचैरी। पंचैरी के गांव पलवाल के नंबरदार एवं सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर स्वर्ण सिंह ने तहसीलदार पंचैरी विपिन वर्मा पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए।
पूर्व सैनिक सेवा परिषद की तरफ से बुलाई गई पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि किसी फार्म पर हस्ताक्षर करने के लिए 8 सितंबर को तहसीलदार पंचैरी ने उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया था। यहां पटवारी समेत कई क्लर्कों के पास उन्हें उक्त फार्म पर हस्ताक्षर करवाने के नाम पर चक्कर लगवाए गए। इसके बाद वह तहसील कार्यालय में तैनात अपने गांव के एक सरकारी कर्मचारी के पास बैठ गए और बातों बातों में उससे इतना कह दिया कि सिविल में लोगों को काम करवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। इस बात को लेकर तहसीलदार पंचैरी ने उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया और उन्हें ऊंची आवाज में डांटना शुरू कर दिया। बाद में उन्हें कार्यालय से दफा होने को कहा। जब उन्होंने तहसीलदार से पूछा कि उनके साथ दुर्व्यवहार ठीक नहीं हैं। इस पर तहसीलदार ज्यादा गुस्सा हो गए और उन्होंने पुलिस बुलाकर उन्हें पुलिस के हवाले करवा दिया। हालांकि बाद में पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। उन्होंने पूर्व सैनिक सेवा परिषद के साथ जिला उपायुक्त से मुलाकात कर मामले से अवगत करवाया। उपायुक्त ने उन्हें उचित न्याय का आश्वासन दिया है।
कोट
नंबरदार स्वर्ण सिंह की तरफ से लगाए गए आरोप गलत हैं। वे स्वयं तहसील कार्यालय में आकर राजस्व विभाग के खिलाफ गलत बातें कर रहें थे। जब उन्होंने स्वर्ण सिंह को समझाने का प्रयास किया तो वह पूर्व सैन्य कर्मी होने का रौब झाड़ने लगे और कई बार समझाने के बाद भी जब वह शांत नहीं हुए तो उन्हें मजबूरन पुलिस बुलानी पड़ी।
-विपिन वर्मा, तहसीलदार, पंचैरी