कांट्रैक्ट पर लगे अस्थायी टीचर्स एसोसिएशन ने स्थायी करने की मांग को लेकर डीसी कार्यालय के बाहर बुधवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने धार रोड तक रैली निकाली और शिक्षकों की सेवाओं को नियमित करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार पढ़े-लिखे युवाओं के साथ रोजगार के नाम पर ठगा गया है। करीब चार हजार शिक्षकों को बेरोजगार कर दिया गया। रोजाना सौ रुपये के भत्ते के तहत उन्हें कांट्रैक्ट पर नियुक्त किया गया।
महीने में मात्र तीन हजार रुपये दिया गया। कुछ महीने से वह भी नहीं दिया गया। मार्च महीने में उनकी सेवाएं रद कर दी गई। हर साल कांट्रैक्ट पर शिक्षक नियुक्त किए जाते हैं। बाद में उन्हें सत्र समाप्त होने के बाद निकाल दिया जाता है।
युवाओं को नौकरी देने से सरकार अपने वादों से मुकर रही है। पीडीपी बीजेपी की गठबंधन सरकार अपने लक्ष्यों से भटक गई है। रोजगार और विकास के नाम पर कुछ नहीं कर रही है। रिक्त पदों पर ही उन्हें नियुक्त किया गया था।
अब उन्हें निकाल दिया गया। चुनाव से पहले हर विधायक ने बेहतर पालिसी तैयार करने का वादा किया था। इन टीचरों में 1700 टीचर ऐसे हैं, जो ओवरएज हो गए हैं।
अगर सरकार दोबारा विज्ञापन निकालती है तो वह दोबारा नियुक्त नहीं हो सकते। ग्रेजुएट, बीएड, पोस्ट ग्रेजुएट युवा नौकरी से वंचित हो गए हैं। इनमें से 2300 टीचर ऐसे हैं, जिनकी शादी हो चुकी है।
उन्हें अगर नौकरी से निकाल दिया गया तो परिवार का पालन-पोषण करने में असमर्थ हो जाएंगे। पूरे राज्य में 8475 टीचर नियुक्त किए गए। उन्होंने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से अपील की है कि वह सभी अस्थायी शिक्षकों को दोबारा ज्वाइन करने के आदेश दें।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जिला प्रधान स्वर्ण सिंह, पवन कुमार, सूदेश कुमार, रंजीत सिंह ने चेतावनी दी कि अगर उन्हें नियमित नहीं किया गया तो वह विशाल आंदोलन करेंगे। प्रदर्शनकारियों में नीलम देवी, रेखा देवी, सुनीता देवी, आदर्श शर्मा, सुषमा देवी, अनिल कुमारी आदि लोग शामिल थे।