उधमपुर। अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने और पांच वर्ष से रुका वेतन जारी करने की मांग को लेकर जल शक्ति विभाग के सैकड़ों अस्थायी कर्मचारी शनिवार से दो दिन की हड़ताल पर जाएंगे। इस हड़ताल के दौरान जिले में लोगों को पानी की समस्या से जूझना पडे़गा।
जल शक्ति इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रधान सोमनाथ ने कहा कि सरकार के झूठे आश्वासनों से परेशान होकर कर्मचारियों को फिर से हड़ताल करने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि 2020 में भी अस्थायी कर्मचारियों ने लंबे समय तक हड़ताल की थी। हड़ताल खत्म करने के लिए 11 नवंबर 2020 को उपराज्यपाल ने कर्मचारियों के साथ बैठक कर एक महीने में सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था।
प्रधान ने बताया कि उपराज्यपाल ने न्यूनतम मजदूरी अधिनियम लागू करने का भी आश्वासन दिया था। लेकिन, डेढ़ वर्ष गुजरने के बाद भी अब तक किसी मांग को पूरा नहीं किया गया है। इसलिए, फिर से दो दिन की हड़ताल करनी पड़ रही है। जल शक्ति विभाग में सैकड़ों अस्थायी कर्मचारी काम कर रहे हैं। नियमानुसार सात वर्ष बाद अस्थायी को स्थायी कर्मचारी बनाया जाता है। लेकिन, ये 15 वर्ष बाद भी अस्थायी हैं।
इसके साथ ही सरकार ने इनका पांच वर्ष का वेतन भी रोक रखा है। सोमनाथ ने कहा कि वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों की आर्थिक परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
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जिले में जलापूर्ति होगी प्रभावित
जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल शुरू होने से शहर व ग्रामीण इलाकों में दो दिन लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ेगा। जिले में जलापूर्ति का काम ज्यादातर अस्थायी कर्मचारी करते हैं। इसी कारण पानी की समस्या बढ़ेगी। साथ ही बड़ी संख्या में अस्थायी कर्मचारियों को फिल्ट्रेशन प्लांट, पंपिंग स्टेशनों में भी नियुक्त किया है। इनकी हड़ताल से पंपिंग व फिल्ट्रेशन का काम भी प्रभावित होगा।