उधमपुर। करीब दो वर्ष के बाद जिले के प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में विद्यार्थी सोमवार से पहुंचेंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी है। स्कूलों में सफाई करवाई जा रही है। निगरानी के लिए प्रशासन टीमों का गठन कर रहा है। शिक्षकों को भी विशेष निर्देश दिए जा रहे हैं।
सरकार ने प्राइमरी व मिडिल स्कूलों को दो वर्ष बाद खोलने की अनुमति दे दी है। इसका आदेश निकलने के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूलों को खोलने की तैयारी भी तेज कर दी है। प्रधानाध्यापक स्कूलों की सफाई करवा रहे हैं। स्कूलों में पीने के पानी, शौचालय की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कक्षाओं को अंदर से साफ किया जा रहा है।
कई स्कूलों में रंग रोगन किया जा रहा है। जिले में 1300 से अधिक सरकारी प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय मौजूद हैं। इनमें हजारों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके साथ सैकड़ों निजी स्कूल भी हैं। स्कूल खोलने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी अरविन कुमार कौल ने शुक्रवार को वर्चुअल बैठक की, और प्रधानाध्यापकों को आवश्यक निर्देश दिए।
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जांच की ओर दिया जाएगा विशेष ध्यान
जब बच्चे स्कूलों में पहुंच जाएंगे तो इनकी सेहत की तरफ विशेष तौर पर ध्यान रखना होगा। अगर शिक्षक को किसी बच्चे में कोरोना संक्रमण के लक्षण नजर आते हैं तो वह तुरंत उसकी जांच करवाएगा। शिक्षकों को इसके लिए विशेष तौर पर ध्यान रखने के आदेश जारी किए गए हैं।
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हर स्कूल में एक शिक्षक को बनाया नोडल अधिकारी
स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने को लेकर एक शिक्षक को नोडल अधिकारी बनाया गया है। यह शिक्षक विद्यार्थियों के मास्क पहनने, सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने और लगातार हाथ धोने का ध्यान रखेगा। किसी कीमत पर कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा।
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जिले में 1300 से अधिक सरकारी स्कूल सोमवार से खुलेंगे। प्राइमरी स्तर के बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए अभी दबाव नहीं बनाया जाएगा। उनके लिए दो वर्ष बाद स्कूल आना थोड़ा मुश्किल होगा। उनको वर्दी, किताबें व अन्य चीजों का इंतजाम करने के लिए शिक्षा विभाग कुछ समय प्रदान करेगा। शिक्षा विभाग ने स्कूलों को खोलने को लेकर अपनी तरफ से पूरी तैयारी कर ली है।
- अरविन कुमार कौल, मुख्य शिक्षा अधिकारी, उधमपुर